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Delhi दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के अनुसूचित जाति (SC) विभाग के राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। पार्टी ने राज्यों में संगठन को मजबूत करने और अनुसूचित जाति समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एससी विभाग के लिए विभिन्न राज्यों में नए राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्य स्तर पर विभाग को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कांग्रेस का अनुसूचित जाति विभाग पार्टी के महत्वपूर्ण संगठनों में से एक है, जो दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाने और पार्टी की नीतियों को समाज के इस वर्ग तक पहुंचाने का काम करता है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राज्य स्तर पर मजबूत संगठन के जरिए जनता से जुड़ाव बढ़ाया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत एससी विभाग में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस लंबे समय से सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताती रही है। एससी विभाग के माध्यम से पार्टी इन मुद्दों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करती है।
नियुक्त किए गए राज्य अध्यक्षों को संगठन को सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने और अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में कांग्रेस अपने विभिन्न विभागों और संगठनों में बदलाव कर उन्हें और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति को इसी संगठनात्मक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उम्मीद जताई गई है कि नए पदाधिकारी अपने अनुभव और जिम्मेदारी के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे। साथ ही वे राज्य स्तर पर संगठन की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करेंगे। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित राज्यों में कांग्रेस के एससी विभाग की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पार्टी अब नए अध्यक्षों के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को उठाने और समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान देगी।
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