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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यूपीए को तोड़ने की साजिश रचने का लगाया आरोप, पीएम मोदी का भी लिया नाम

jantaserishta.com
22 Feb 2022 6:02 AM GMT
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यूपीए को तोड़ने की साजिश रचने का लगाया आरोप, पीएम मोदी का भी लिया नाम
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जानें क्या कहा?

नई दिल्ली: तेलंगाना (Telangana) कांग्रेस अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने टीआरएस प्रमुख पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) (UPA) को तोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की मदद करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. रेड्डी ने कहा कि ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और एमके स्टालिन जैसे नेता यूपीए का हिस्सा हैं और केसीआर इस गठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

टीपीसीसी प्रमुख ने कहा, सीएम केसीआर की नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई गठबंधन शुरू करने की कोई योजना नहीं है. यह सब फर्जी है. वह पीएम मोदी की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. स्टालिन, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे जैसे नेता यूपीए का हिस्सा हैं और केसीआर इस गठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और मोदी की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. यह एक साजिश है.गैर-कांग्रेसी विपक्षी मोर्चे की अटकलों के बीच राव ने रविवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. लेकिन शिवसेना और राकांपा ने कहा कि कांग्रेस 2024 में बीजेपी को टक्कर देने के लिए बने किसी भी गठबंधन का हिस्सा होगी.
राउत ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि अतीत में तीसरे मोर्चे को जोड़ने के प्रयास सफल नहीं रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हमने कभी नहीं कहा कि कांग्रेस के बिना कोई मोर्चा होगा. जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार इस (कांग्रेस के बिना एक मोर्चा) का उल्लेख किया, तो शिवसेना पहली पार्टी थी जिसने कहा कि कांग्रेस को अन्य लोगों के साथ ले जाना चाहिए.'
तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए, रेड्डी ने कहा कि केसीआर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के पास जाना चाहिए था, अगर वह वास्तव में गठबंधन बनाना चाहते थे. उन्होंने कहा, 'उन्होंने एआईएमआईएम को प्रचार किया और उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ा ताकि समाजवादी पार्टी चुनाव हारे और योगी बीजेपी जीतें. उन्होंने मोदी से 'सुपारी' ली है और कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.'
वहीं बता दें तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विपक्षी क्षेत्रीय दलों को एक साथ जोड़ने की पहल शुरू की है. इसे बीजेपी के खिलाफ विपक्षी मोर्चे की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. देश में लंबे समय से बिखरे पड़े तीसरे मोर्चे के दल इसमें एक बार फिर साथ आ सकते हैं. ऐसा होने पर बीजेपी को तो चुनौती मिलेगी ही, कांग्रेस की भी दिक्कतें बढ़ेगी.देश में तीसरा मोर्चा लंबे समय से अस्तित्व में नहीं है. लगभग दो दशक बाद चंद्रशेखर राव ने इसकी किरण दिखाई है.
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