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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में होने वाले चार नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इलेक्शन कमेटियों के गठन का निर्णय लिया है, जो प्रत्याशियों के चयन पर अंतिम मुहर लगाएंगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने जानकारी दी है कि चारों नगर निगमों—धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी—के लिए अलग-अलग चुनाव कमेटियां बनाई जाएंगी। इन कमेटियों का गठन शुक्रवार तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही पार्टी मुख्यालय शिमला में नगर निगम चुनावों को लेकर एक अहम बैठक भी आयोजित की जाएगी।
पार्टी के अनुसार, टिकट के दावेदारों को सीधे आवेदन करना होगा और उनके आवेदनों पर संबंधित चुनाव कमेटियां विचार करेंगी। इन कमेटियों द्वारा सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद जिताऊ उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारना है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पहले ही चारों नगर निगमों के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इन नियुक्तियों को प्रदेश मामलों की प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया गया है। पार्टी का मानना है कि इन प्रभारियों की भूमिका चुनावी रणनीति को मजबूत करने में अहम होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने बताया कि शुक्रवार को होने वाली बैठक में चुनावी रणनीति, टिकट वितरण प्रक्रिया और संगठनात्मक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों को तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करना अनिवार्य होगा।
जानकारी के अनुसार, इन चारों नगर निगमों में 17 मई को मतदान होगा और 31 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस ने चुनावों को गंभीरता से लेते हुए अपनी तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। राजनीतिक दृष्टि से इन नगर निगम चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इन चुनावों को हिमाचल की सत्ता का सेमीफाइनल मानकर देख रहे हैं। यही कारण है कि दोनों दलों ने अपनी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि वह इस बार पारदर्शी और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत टिकट वितरण करेगी, ताकि योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके। वहीं पार्टी यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिले। पार्टी नेताओं का मानना है कि नगर निगम चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी स्तरों पर रणनीति को मजबूत किया जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यहीं से नगर निगम चुनावों की दिशा और टिकट वितरण की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
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