भारत

लव जिहाद और जबरन निकाह की शिकायत, महिला आयोग ने पुलिस को कार्रवाई के दिए निर्देश

Shantanu Roy
13 March 2026 3:20 PM IST
लव जिहाद और जबरन निकाह की शिकायत, महिला आयोग ने पुलिस को कार्रवाई के दिए निर्देश
x
बड़ी खबर
Ghazipur. गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान की जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक गंभीर लव जिहाद और जबरन निकाह का मामला सामने आया। पीड़िता ने बताया कि उसे साल 2009 से 2012 तक अपहरण कर महाराष्ट्र के एक गांव में रखा गया। उसके बाद करीब 9 साल के बाद उससे जबरन निकाह कराया गया। इस निकाह के दौरान महिला को दो बच्चे भी हुए। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति अफसर हुसैन अब बच्चों का भी धर्म परिवर्तन कराने और बेटे का खतना कराने के लिए दबाव डाल रहा है। महिला ने बताया कि उसने साल 2018 में तीन तलाक भी दे दिया था। इसके बावजूद वह लगातार पुलिस और कोर्ट के चक्कर काट रही है।

महिला आयोग में जनसुनवाई
गुरुवार को महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान गाजीपुर पहुंचीं और जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पीड़िता ने पूरी घटना का वर्णन किया। महिला आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए महिला को तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए। पीड़िता का कहना है कि वह मोहम्मदाबाद तहसील के एक मुस्लिम प्रभावित गांव की रहने वाली है। उसका गांव मुस्लिम बहुल है। साल 2009 में अफसर हुसैन ने उसका अपहरण किया और महाराष्ट्र के एक गांव में तीन साल तक रखा।

जबरन निकाह और बच्चों पर दबाव
महिला जब किसी तरह अपने गांव लौट आई, तब कुछ साल बाद गांव वालों के दबाव में उसके साथ अफसर हुसैन का निकाह कराया गया। इस निकाह के बाद महिला को दो बच्चे हुए। एक बेटी जिसकी उम्र 14 साल और एक बेटा जिसकी उम्र करीब 8 साल है। महिला ने आरोप लगाया कि अफसर हुसैन अब उसके बच्चों का धर्म परिवर्तन कराना चाहते हैं। साथ ही बेटे का मुस्लिम धर्म के अनुसार खतना कराने की भी मांग कर रहे हैं।

पुलिस और कोर्ट में शिकायत
पीड़िता ने बताया कि वह इस दबाव और हिंसा से बचने के लिए अपने घर से भागकर किसी अन्य जगह रह रही है। उसने कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी। उसका मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। महिला ने कोर्ट में धारा 164 का बयान भी दर्ज कराया, लेकिन उसका आरोप है कि इसके बाद उसके कुछ पत्र गायब कर दिए गए।

जानलेवा हमला
महिला ने कहा कि करीब 10 दिन पहले उसके पति ने चाकू से हमला किया। हमला जानलेवा था और उसके सर पर अभी भी चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। महिला आयोग के समक्ष उसने बताया कि उसका पति जबरन उसे और उसके बच्चों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। जनसुनवाई में महिला की बातें सुनने के बाद बबीता सिंह चौहान ने अपर पुलिस अधीक्षक सिटी को निर्देश दिए कि पीड़िता का मेडिकल कराए जाए और उसके खिलाफ हो रहे उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष ने कहा कि महिला के साथ न्याय होना चाहिए और उसे सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पीड़िता की मांग
पीड़िता ने महिला आयोग के समक्ष यह भी कहा कि वह अपने बच्चों और खुद की सुरक्षा के लिए न्याय की मांग कर रही है। वह चाहती है कि उसके पति को किसी भी तरह से उसे परेशान करने से रोका जाए। इसके अलावा, बच्चों के धर्म परिवर्तन और खतना को लेकर भी उचित कानूनी कदम उठाए जाए। महिला आयोग ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के पास सभी कानूनी साधन मौजूद हैं। अब यह सुनिश्चित करना है कि पीड़िता और उसके बच्चों को पूरी सुरक्षा मिले और अपराधियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए। यह मामला न केवल गाजीपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और बच्चों के अधिकार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। लव जिहाद, जबरन निकाह और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन कानूनन अपराध है। इस मामले में महिला आयोग की सक्रियता एक उदाहरण है कि सुनवाई और न्याय प्रणाली का सही उपयोग कर पीड़ितों को राहत दी जा सकती है।
Next Story