हालिया टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल पर एनएचआरसी में शिकायत दर्ज

जीवन के अधिकार एवं मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप
हैदराबाद। प्रख्यात अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता येन्नम बालाचंदर रेड्डी वाकरल ने तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TGSRTC) कर्मचारियों द्वारा हाल ही में की गई हड़ताल के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
यह शिकायत एनएचआरसी द्वारा विधिवत रूप से स्वीकार कर ली गई है और इसे डायरी संख्या 9057/IN/2026 दिनांक 24.04.2026 के तहत पंजीकृत किया गया है। आयोग द्वारा शीघ्र ही इस पर केस नंबर आवंटित कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। शिकायत में कहा गया है कि टीजीएसआरटीसी कर्मचारियों की इस हालिया हड़ताल के कारण आम जनता के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता) तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन के समान है।
अधिवक्ता रेड्डी ने उल्लेख किया है कि सार्वजनिक परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं के बाधित होने से लाखों नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनके दैनिक आवागमन, रोजगार, शिक्षा एवं आवश्यक सेवाओं तक पहुंच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जो सीधे तौर पर जीवन के अधिकार से संबंधित है। उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल एक श्रमिक विवाद नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर मानवाधिकार मुद्दा है, जिसे संवैधानिक दृष्टिकोण से देखा जाना आवश्यक है।
शिकायत में हड़ताल की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति तथा उससे उत्पन्न सामाजिक एवं मानवीय प्रभावों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, संबंधित दस्तावेज एवं साक्ष्य भी एनएचआरसी के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं, जो मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हैं। अधिवक्ता रेड्डी ने एनएचआरसी से अनुरोध किया है कि वह इस मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों से विस्तृत रिपोर्ट तलब करे तथा आम जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करते हुए एक संतुलित एवं न्यायसंगत समाधान की दिशा में आवश्यक निर्देश जारी करे।





