भारत
कॉमर्शियल वाहनों की हड़ताल, एचआरटीसी बसों के भरोसे आम जनता
Shantanu Roy
7 April 2026 4:24 PM IST

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Hospice. धर्मशाला। जिला कांगड़ा मुख्यालय धर्मशाला में सोमवार को कॉमर्शियल वाहनों की हड़ताल के कारण परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। इस दौरान निजी टैक्सी, निजी बस और अन्य व्यावसायिक वाहन बंद रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते एचआरटीसी (हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) ने यात्रियों को सुविधा देने के लिए विभिन्न रूटों पर अतिरिक्त सैकड़ों बसें चलाई। इस व्यवस्था से यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन भीड़ और पुरानी बसों की खराब स्थिति ने समस्याएं बढ़ा दीं। गगल से धर्मशाला आने-जाने वाली कुछ बसें रास्ते में ही खराब हो गईं। इनमें एक बस मस्तपुर चैतडू के पास, जबकि दूसरी सिविल लाइन धर्मशाला और जल शक्ति विभाग कार्यालय के समीप खड़ी पाई गई।
हड़ताल का सबसे अधिक असर कॉलेज छात्रों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों पर पड़ा। निजी बसें न चलने के कारण उन्हें सरकारी बसों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि एचआरटीसी समय-समय पर अतिरिक्त बसें भेजती रही, फिर भी कई लोग अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके और देर से पहुंचे। निजी स्कूल बसों के बंद रहने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भी खास परेशानी हुई। कई स्थानों पर स्कूलों और कॉलेजों के आसपास बस स्टॉप पर भीड़ लगी रही। भीड़ और ट्रैफिक के चलते यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
एचआरटीसी अधिकारियों ने कहा कि वे हड़ताल के चलते यात्रा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी और अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर रहे थे। इसके बावजूद, पुरानी बसों की खराबी और भारी भीड़ ने समस्या को बढ़ा दिया। अधिकारियों ने यात्रियों से सहनशीलता बरतने का अनुरोध किया। हड़ताल की वजह से शहर में आम जनजीवन प्रभावित रहा। लोग अपने कार्यालय, कॉलेज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय पर नहीं पहुंच सके। कुछ जगहों पर बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि एचआरटीसी को तुरंत अतिरिक्त बसें भेजनी पड़ीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉमर्शियल वाहन हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ता है और इसके लिए हमेशा सरकारी और निजी वाहनों का बैकअप प्लान तैयार रखना जरूरी है। हड़ताल समाप्त होने के बाद भी इस तरह की तैयारी यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस तरह धर्मशाला में सोमवार का दिन यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन एचआरटीसी की समय-समय पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था ने कुछ हद तक राहत दी। हड़ताल और पुराने वाहनों की खराबी ने यह साबित किया कि शहर में सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता है।
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