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तीन गुना रकम देने का लालच देकर करते थे ठगी
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के कारोबार का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये है। इसके अलावा एक हजार रुपये नकद और बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।
तीन गुना रकम देने का लालच देकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को तीन गुना रकम देने का झांसा देकर उनसे असली रुपये हासिल करते थे। इसके बदले उन्हें जाली नोट थमा दिए जाते थे। इस तरह प्राप्त अवैध कमाई को आरोपी आपस में बांट लेते थे। 16 अक्टूबर को पुलिस ने गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर ग्राम कोंडली पुस्ता के पास कार्रवाई की। इस दौरान अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया गया।
जेल में हुई मुलाकात से शुरू हुई साजिश
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह वर्ष 2024 में अयोध्या जेल में बंद था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुबेर सिंह नाम के व्यक्ति से हुई थी। पुलिस के अनुसार, जेल में ही दोनों ने जाली करेंसी का कारोबार करने की योजना बनाई थी। आरोप है कि बाद में कुबेर सिंह, अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता और शान्तनु सिंह नकली नोट तैयार करने के काम से जुड़ गए।
गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज के छात्र भी शामिल
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है। अर्जुन सिंह (22) सुलतानपुर का निवासी और आठवीं पास है। शशांक गुप्ता (19) अयोध्या का रहने वाला बीकॉम अंतिम वर्ष का छात्र है। शान्तनु सिंह (19) सीतापुर का निवासी है और बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा है। वहीं, वैभव शुक्ला (19) अयोध्या का रहने वाला बीसीए अंतिम वर्ष का छात्र है।
नकली नोटों के नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ अयोध्या के थाना कैंट में भी मामले दर्ज हैं। अब जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जाली नोट कहां और कैसे तैयार किए जाते थे तथा इस कारोबार से अन्य कौन लोग जुड़े हुए हैं।
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