
व्यापार | भारत ने कोयला उत्पादन के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए वित्त वर्ष 2024-25 में 20 मार्च, 2025 तक एक बिलियन टन (1 अरब टन) को पार कर लिया है। यह उपलब्धि पिछले वर्ष के 997.83 मिलियन टन (एमटी) के मुकाबले 11 दिन पहले ही हासिल कर ली गई, जिससे यह साफ है कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता तेजी से बढ़ रही है।
कोयला उत्पादन में तेज बढ़ोतरी
2024-25 में 1 अरब टन कोयला उत्पादन
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पिछले साल 997.83 मिलियन टन था उत्पादन
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11 दिन पहले ही लक्ष्य को किया पार
42,315.7 करोड़ रुपये की बचत
कोयले के बढ़ते घरेलू उत्पादन के कारण भारत को 42,315.7 करोड़ रुपये की भारी बचत हुई है, जो कि आयात पर निर्भरता कम होने का संकेत देता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिली है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर भारत
भारत के कोयला उत्पादन में यह वृद्धि ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बिजली उत्पादन को मजबूती मिलेगी, उद्योगों को सस्ता कोयला मिलेगा और देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी।
सरकार की नीतियों का असर
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कोयला खदानों की नीलामी में तेजी
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निजी कंपनियों को उत्पादन में बढ़ावा
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आधुनिक खनन तकनीकों का इस्तेमाल
आगे की योजना
सरकार 2030 तक कोयला उत्पादन को और बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इस उपलब्धि से साफ है कि भारत आने वाले वर्षों में कोयला आयात पर अपनी निर्भरता और कम करेगा और ऊर्जा सेक्टर में नई ऊंचाइयों को छुएगा।





