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Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या विकास क्षेत्र के मास्टर प्लान को लेकर अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में अयोध्या के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, पर्यटन सुविधाओं, पर्यावरणीय संतुलन और धार्मिक-आध्यात्मिक स्वरूप को बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अयोध्या को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के लिए हर परियोजना पारदर्शी, समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली होनी चाहिए। बैठक में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन, अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारी, नगर नियोजन विशेषज्ञ और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब न केवल भारत का बल्कि विश्व का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन चुकी है, इसलिए इसके विकास कार्यों को दूरदर्शी योजना के साथ लागू किया जाना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अयोध्या का विकास केवल इमारतों और सड़कों तक सीमित नहीं होना चाहिए। यहां का हर कार्य राम नगरी की पहचान और भावना के अनुरूप हो। ऐतिहासिक धरोहरों, घाटों, मंदिरों और पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अयोध्या मास्टर प्लान 2031 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में बढ़ते पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था, पार्किंग ज़ोन, ठहरने की सुविधा और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं पर्यावरणीय दृष्टि से भी संतुलित हों ताकि अयोध्या की प्राकृतिक सुंदरता और सरयू नदी के तट का सौंदर्य बरकरार रहे।
बैठक में सीएम ने यह भी कहा कि अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं से जुड़े सभी डेटा और प्रगति रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट की जाए ताकि जनसामान्य को भी पारदर्शी जानकारी उपलब्ध हो सके। राज्य सरकार के मुताबिक, अयोध्या में स्मार्ट सिटी मिशन, मल्टी-लेवल पार्किंग, चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय मानक की बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही, राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से शहर में पर्यटन और होटल उद्योग में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए नए निवेश प्रस्तावों पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास उत्तर प्रदेश की “संस्कृति, श्रद्धा और नवाचार” का प्रतीक बनेगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि यह परियोजना न केवल बुनियादी ढांचा निर्माण है बल्कि भारत की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने का अवसर है।
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