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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के सेवा कार्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उसके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म को मानवता और अध्यात्म को सेवा से जोड़ना आवश्यक है।
वाराणसी के सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 11 से 20 अक्टूबर तक दस दिवसीय शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से संस्था की यात्रा और योगदान को रेखांकित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रणवानंद का गोरक्षपीठ से भी संबंध रहा है और उन्हें वहीं दीक्षा मिली थी। सीएम योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ ने स्वतंत्रता आंदोलन और समाज में सांस्कृतिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने संस्था की ओर से 100 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की भी प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, तो उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत भी प्रभावित होती है। शताब्दी समारोह के अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले संघ की ओर से भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित समारोह में सेवा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
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