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Varanasi वाराणसी: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे का समापन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल के प्रतिनिधि, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं विदाई दी।
उपराष्ट्रपति का वाराणसी दौरा रहा सार्थक
उपराष्ट्रपति का यह दौरा सांस्कृतिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वरिष्ठ शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की तथा वाराणसी के विकास कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि वाराणसी देश की आध्यात्मिक राजधानी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस शहर ने जिस गति से विकास किया है, वह अद्भुत और प्रेरणादायक है। उन्होंने वाराणसी के इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और स्वच्छता कार्यों की सराहना की।
सीएम योगी ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को विदाई देते हुए कहा कि उनका वाराणसी आगमन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा, “माननीय उपराष्ट्रपति ने वाराणसी के विकास कार्यों और राज्य सरकार के प्रयासों की जिस तरह सराहना की है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार उपराष्ट्रपति के सुझावों के अनुरूप वाराणसी को “ग्लोबल सांस्कृतिक केंद्र” के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में की शिरकत
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का भी दौरा किया और भगवान शिव के दर्शन किए। इसके अलावा उन्होंने गंगा आरती में भी हिस्सा लिया और घाटों की स्वच्छता और व्यवस्था की सराहना की।
उन्होंने स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वाराणसी की कला और संस्कृति भारत की आत्मा का प्रतीक है।
शिक्षा पर दिया जोर
BHU में छात्रों को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के युवाओं में असीम क्षमता है। उन्होंने कहा, “हमारे विश्वविद्यालयों को न केवल रोजगार देने वाले बल्कि नैतिकता और सेवा भावना से परिपूर्ण नागरिक तैयार करने वाले संस्थान बनना चाहिए।”
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और भारतीय संस्कृति की मूल भावना — सेवा, सहिष्णुता और समर्पण — को आगे बढ़ाएं।
विदाई समारोह में रहे कई गणमान्य
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति को विदाई देने वालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा, वाराणसी के आयुक्त कौशल राज शर्मा, जिला अधिकारी सौरभ दीक्षित, और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
विदाई के दौरान पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया और मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।
“वाराणसी भारत की आत्मा का दर्पण”
रवाना होने से पहले उपराष्ट्रपति ने कहा, “वाराणसी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत की आत्मा का दर्पण है। यहां की ऊर्जा, संस्कृति और अध्यात्म पूरी दुनिया को भारत की महानता का परिचय देते हैं।”
उन्होंने प्रदेश सरकार और वाराणसी प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि “काशी जैसा स्वागत और सहयोग कहीं नहीं मिलता।
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