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Aizawl आइजोल। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बुधवार को उन लोगों से अपील की जो राज्य सरकार से फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के जरिए पारिवारिक पेंशन ले रहे हैं कि वे तय 'स्वैच्छिक सरेंडर विंडो' के दौरान अपने पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) स्वेच्छा से सरेंडर कर दें। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच-पड़ताल के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिजोरम सरकार के वित्त विभाग ने बुधवार को 'पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) को स्वेच्छा से सरेंडर करने के प्रति जागरूकता' के लिए राज्यव्यापी कार्यक्रम शुरू किया। इसका मकसद उन लोगों को अपने पीपीओ स्वेच्छा से सरेंडर करने में मदद करना है जो धोखाधड़ी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर पारिवारिक पेंशन ले रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वेच्छा से सरेंडर करने की समय-सीमा खत्म होने के बाद, सरकार की टास्क फोर्स सभी पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों के मामलों की व्यापक फील्ड जांच करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अवैध रूप से पारिवारिक पेंशन लेते पाए जाएंगे, उनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पारिवारिक पेंशन प्रणाली के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कुछ लोगों ने जानबूझकर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पारिवारिक पेंशन हासिल की है, वहीं कुछ लोगों ने अनजाने में ऐसा किया हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार सार्वजनिक धन के इस तरह के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
शुरुआती कदम के तौर पर, सरकार ने तीन महीने की अवधि तय की है जिसके दौरान अवैध रूप से पारिवारिक पेंशन लेने वाले लोगों को अपने पीपीओ सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। लालदुहोमा ने कहा कि जो लोग तय समय के भीतर ऐसा करेंगे, उन्हें पहले से मिली पेंशन वापस नहीं करनी होगी, क्योंकि सरकार उस राशि की वसूली माफ कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी पेंशनभोगियों को उनकी पेंशन और पारिवारिक पेंशन का लाभ सुचारू, समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।
उन्होंने कहा कि पेंशन प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के लिए पहले ही काफी प्रयास किए जा चुके हैं और पेंशन प्रोसेसिंग में देरी अक्सर विभिन्न कार्यालयों में पेंशन फाइलों को संभालने वाले अधिकारियों के अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण होती है। उन्होंने उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति सरकार के गहरे सम्मान को भी दोहराया जिन्होंने अपने जीवन के बेहतरीन वर्ष राज्य की सेवा में समर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पारिवारिक पेंशन के फर्जी दावों के समर्थन में अक्सर जाली दस्तावेज पेश किए जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जन्म प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र, अविवाहित होने का प्रमाण पत्र, जीवन प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या पारिवारिक पेंशन के लिए जमा किए गए किसी अन्य दस्तावेज में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सरकार गहन जांच करेगी।
ऐसे दस्तावेज जारी करने वाले अधिकारियों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
वर्तमान में, मिजोरम सरकार के तहत 39,954 लाभार्थी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। इनमें 22,139 सुपरएनुएशन पेंशनभोगी, 11,194 पारिवारिक पेंशन पाने वाले, 5,629 पेंशनभोगी जो सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीपीसी) के जरिए पेंशन पा रहे हैं, 594 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वॉलंटरी रिटायरमेंट) वाले पेंशनभोगी, 289 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) वाले पेंशनभोगी, 69 अमान्य पेंशन (इनवैलिड पेंशन) पाने वाले और 40 अनिवार्य सेवानिवृत्ति (कम्पलसरी रिटायरमेंट) वाले पेंशनभोगी शामिल हैं।
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