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बिल को लेकर फैली खबरों को CM सुवेंदु अधिकारी ने बताया अफवाह

SHIDDHANT
25 Sept 2026 10:27 PM IST
बिल को लेकर फैली खबरों को CM सुवेंदु अधिकारी ने बताया अफवाह
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Howrah. हावड़ा। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के प्रस्तावित कानून और उसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट से जुड़े प्रावधानों को लेकर चल रही चर्चा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बिल को लेकर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है और इस संबंध में फैलाई जा रही कुछ खबरें गलत हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि NDPS एक्ट से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इस तरह के मामलों में केंद्रीय कानून के साथ राज्य के प्रस्तावित कानून के संबंध और संवैधानिक प्रक्रिया को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने आंध्र प्रदेश और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी संबंधित कानूनों को राष्ट्रपति के विचार के लिए भेजना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित बिल में तीन साल की सजा वाले प्रावधान को गैर-जमानती रखने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस बिल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर पर विचार किया जा रहा है। उनके मुताबिक राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव ने भी संबंधित अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा की है और उन्हें इसकी जानकारी दी है।
हालांकि प्रस्तावित कानून को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र ने राज्य के
प्रस्तावित
‘एंटी-गुंडा’ कानून के एक प्रावधान और NDPS मामलों में निवारक हिरासत से संबंधित केंद्रीय PITNDPS Act, 1988 के बीच संभावित टकराव का मुद्दा उठाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी आधार पर राष्ट्रपति की ओर से बिल को पुनर्विचार के लिए लौटाया गया है।
अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पास उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बिल पर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने उन खबरों को “अफवाह और फर्जी” बताया जिनमें बिल की स्थिति को लेकर अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि राष्ट्रपति द्वारा बिल लौटाए जाने की रिपोर्ट और मुख्यमंत्री के बयान के बीच अंतर को देखते हुए इसकी मौजूदा कानूनी स्थिति पर आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होगा।
इससे पहले सुवेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में ‘नशा मुक्त भारत 2029’ अभियान के तहत ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की बात कही थी। अब प्रस्तावित बिल में NDPS से जुड़े प्रावधानों पर आगे क्या संशोधन या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है, इस पर नजर रहेगी।
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