CM ने पुलिसकर्मी को गिरफ्तार करने के दिए निर्देश, पत्नी पहुंची थी शिकायत लेकर

असम। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कथित तौर पर दो शादी करने वाले पुलिस कर्मी के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया है। जन सुनवाई के दौरान एक महिला ने दावा किया कि उसका पति पुलिस में है। लेकिन उसने दूसरी शादी कर ली है और उसे लगातार तलाक देने की धमकी दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री सरमा ने वहां मौजूद अधिकारियों को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कहा। यह मामला उस वक्त सामने आया, जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जनता की परेशानी सुनने वाले एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। उसी वक्त एक महिला ने खड़े होकर अपनी परेशानी साझा की। आरोप सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने बिना कोई देरी किए अधिकारियों को गिरफ्तारी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "उसे गिरफ्तार करो। इसे आज रात ही पकड़ो।" मुख्यमंत्री बहु-विवाह को लेकर यह व्यवहार ऐसे समय में सामने आया है, जब भाजपा शासित कई राज्यों में इसे प्रतिबंदित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी इसे लेकर मुखर रहे हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कुछ दिन पहले ही बजट के दौरान बहु-विवाह प्रथा को हतोत्साहित करने के लिए कई प्रस्ताव पेश किए थे। असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने घोषणा की कि बहु विवाह करने वाले पुरुषों को राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने 'असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964' में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा, जिसके तहत बहु विवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि इन उपायों का मकसद महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देना है, साथ ही सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ानी है।
आपको बता दें, भाजपा शासित राज्य समान नागरिक कानून की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। इसमें सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था की जा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि न्याय के हिसाब से सभी लोगों को केवल एक शादी करने का अधिकार है। अगर दूसरी शादी करनी है, तो पहले पहली पत्नी को तलाक देना होगा। दरअसल, इस्लामिक कानून के तहत पुरुषों को चार शादियां करने की इजाजत है। भाजपा सरकारों का दावा है कि मुस्लिम महिलाओं के हालात सुधारने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।





