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उज्जैन की आर्थिक विरासत पर बोले सीएम मोहन यादव

SHIDDHANT
26 Sept 2026 10:08 PM IST
उज्जैन की आर्थिक विरासत पर बोले सीएम मोहन यादव
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INDORE इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन और मालवा क्षेत्र की ऐतिहासिक तथा आर्थिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र हजारों वर्षों से महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। उन्होंने विक्रमादित्य, राजा भोज, सम्राट अशोक, महाराजा सिंधिया, होलकर और रानी अहिल्याबाई के काल का जिक्र करते हुए क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “जिस स्थान पर यह संवाद हो रहा है, वह वास्तव में हजारों वर्षों से महत्वपूर्ण रहा है। चाहे विक्रमादित्य का काल हो, राजा भोज का समय हो या करीब 2200 साल पहले मालवा में गवर्नर के रूप में सेवाएं देने वाले सम्राट अशोक का दौर हो, इस क्षेत्र का अपना विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने रानी अहिल्याबाई के शासनकाल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा सिंधिया और होलकर की शुरुआती राजधानी भी उज्जैन में रही है। उन्होंने इन ऐतिहासिक शासकों का नाम लेते हुए क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और उसके विकास की परंपरा की चर्चा की। मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने इन सभी ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख इसलिए किया क्योंकि इन शासकों के समय उनके साम्राज्यों के भीतर आर्थिक गतिविधियों ने स्वाभाविक रूप से विकास किया। उनके मुताबिक, अलग-अलग कालखंडों में इस क्षेत्र ने राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी अपनी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने विक्रमादित्य और राजा भोज के काल से लेकर सम्राट अशोक तथा रानी अहिल्याबाई के दौर तक के इतिहास को अपने संबोधन में शामिल किया। इसके साथ ही उन्होंने सिंधिया और होलकर का जिक्र करते हुए उज्जैन की ऐतिहासिक भूमिका को सामने रखा। उन्होंने कहा कि उज्जैन का संबंध अलग-अलग समय में कई प्रसिद्ध शासकों से रहा है। इन शासकों के कार्यकाल के दौरान उनके साम्राज्यों में आर्थिक गतिविधियां भी आगे बढ़ीं। मुख्यमंत्री ने इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के माध्यम से क्षेत्र की आर्थिक विरासत का उल्लेख किया।
मोहन यादव के बयान का मुख्य केंद्र उज्जैन और मालवा की वह ऐतिहासिक परंपरा रही, जिसमें अलग-अलग शासनकाल के दौरान आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिला। उन्होंने अपने संबोधन में इतिहास के विभिन्न कालखंडों का उदाहरण देते हुए बताया कि इस क्षेत्र का महत्व लंबे समय से बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमादित्य, राजा भोज, सम्राट अशोक, रानी अहिल्याबाई, सिंधिया और होलकर जैसे शासकों के समय से ही इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के विकास की परंपरा देखने को मिलती रही है।
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