
तमिलनाडु। तमिलनाडु के सीएम MK स्टालिन अपने सीट से चुनाव हार गए है। भाषायी अस्मिता और क्षेत्रीय पहचान की राजनीति करने वाली डीएमके को करारा झटका तमिलनाडु में लगा है। एमके स्टालिन की 10 साल पुरानी सरकार विदा हो गई है।
इसके अलावा ऐक्टर विजय थलापति की पार्टी टीवीके ने अकेले ही 110 सीटों पर बढ़त बना रखी है। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेताओं के नेता बनने का पुराना इतिहास रहा है। हालांकि स्टालिन खुद को काफी मजबूत मान रहे थे। ऐसे में नौसिखाय कहे जा रहे विजय की बंपर जीत ने सारे समीकरण ही उलट-पलट दिए हैं। तमिलनाडु में जादुई आंकड़ा 117 का है। इस तरह वह अकेले दम पर भी सत्ता हासिल करने के करीब हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव ने देश के राजनीतिक नक्शे में कई बदलाव कर दिए हैं। एक तरफ रिकॉर्ड बने हैं तो वहीं दूसरी तरफ तस्वीर ही बदल गई है। इसका असर आने वाले दिनों में राज्यसभा में दिखेगा तो वहीं राज्यों की सत्ता में भी भगवा प्रतिनिधित्व बढ़ता जा रहा है। इस चुनाव ने केरल, बंगाल, तमिलनाडु और असम समेत देश के 5 राज्यों में रिकॉर्ड की बारिश कर दी है। सबसे बड़ा रिकॉर्ड तो यही है कि भाजपा को पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का मौका मिला है। यह उसके लिए एक सपने के साकार होने जैसा है।





