
चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा के किसान MSP सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि बुधवार को पुलिस से झड़प के दौरान 21 साल के एक किसान की मौत हो गई. हालांकि, पुलिस ने इस दावे को अफवाह बताते हुए खारिज किया है.किसान नेता बलदेव सिरसा के मुताबिक, बठिंडा के रहने वाले 21 साल के शुभकरण सिंह की संगरूर-जिंद को जोड़ने वाले खनौरी बॉर्डर पर मौत हो गई.पटियाला के राजिंदर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एचएस रेखी का कहना है कि खनौरी से अस्पताल में तीन लोगों को लाया गया था, जिनमें से एक की मौत हो गई. रेखी का कहना है कि जिस शख्स की मौत हुई है, उसके सिर पर चोट के निशान थे जबकि बाकी दोनों लोगों की हालत स्थिर है.
अभी तक की प्राप्त जानकारी के अनुसार आज #किसानआंदोलन में किसी भी किसान की मृत्यु नहीं हुई है। यह मात्र एक अफवाह है। दाता सिंह-खनोरी बॉर्डर पर दो पुलिसकर्मियों तथा एक प्रदर्शनकारी के घायल होने की सूचना है जो उपचाराधीन है। @ssk303 @DGPPunjabPolice @cmohry @anilvijminister
— Haryana Police (@police_haryana) February 21, 2024
मान ने कहा कि अगर हरियाणा सरकार उसे बॉर्डर पर नहीं रोकती तो वो बाकी किसानों के साथ दिल्ली पहुंच जाता. ये किसान तो दिल्ली जाने के लिए ही अपने घरों से निकले थे. ये याद रखने की जरूरत है कि इस देश में 90 फीसदी कुर्बानी पंजाबियों ने दी है और आज उस आजादी को कायम रखने के लिए भी हम कुर्बानी दे रहे हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि हरियाणा सरकार से तो कोई झगड़ा भी नहीं है, लेकिन वो किसानों को क्यों रोक रही है. दिल्ली की सीमा पर स्थिति केंद्र सरकार के नियंत्रण में है. इस पर अब सरकार को फैसला लेना है कि किसानों के आंदोलन के कोई स्टेडियम निर्धारित करें या फिर उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मंजूरी दी जाए.मान ने कहा कि शुभकरण आंदोलन में कोई फोटो खिंचाने नहीं गया था. वह वहां अपनी फसलों के सही दाम की मांग के वास्ते गया था. शुभकरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी और जांच के आदेश दिए जाएंगे. जो भी शुभकरण की मौत का जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. पंजाब सरकार शुभकरण के परिवार को आर्थिक सहायता भी देगी.





