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मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का दान
MAHARASHTRA महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मुंबई स्थित एशियाटिक लाइब्रेरी में ‘Bappa.org’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री आशीष शेलार भी मौजूद रहे। इस पोर्टल का उद्देश्य गणेशोत्सव से जुड़ी विभिन्न कहानियों, परंपराओं और आयोजनों को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम के दौरान ‘Bappa.org’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पोर्टल गणेशोत्सव से संबंधित सामग्री को एक डिजिटल मंच उपलब्ध कराने की दिशा में शुरू किया गया है। इसके माध्यम से गणेशोत्सव से जुड़ी कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे महाराष्ट्र और देश-विदेश के लोग इस पर्व से संबंधित जानकारी और सामग्री डिजिटल रूप से देख सकेंगे।
Mumbai, Maharashtra: Chief Minister Devendra Fadnavis launched the Bappa. org platform at the Asiatic Library in the presence of Minister Ashish Shelar. The portal will showcase stories related to Ganeshotsav. Rs 51 lakh was donated to the Chief Minister’s Relief Fund pic.twitter.com/f8xUM6BVdX
— IANS (@ians_india) September 29, 2026
मुंबई समेत महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का विशेष महत्व है। हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणेश मंडलों और घरों में भगवान गणेश की स्थापना की जाती है। उत्सव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाले आयोजन, सामाजिक गतिविधियां और धार्मिक परंपराएं लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का दान भी दिया गया। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए प्रदान की गई। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और आयोजकों ने गणेशोत्सव से जुड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को डिजिटल माध्यम से सामने लाने की पहल पर चर्चा की।
‘Bappa.org’ के जरिए गणेशोत्सव से जुड़ी कहानियों और सामग्री को एक जगह प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इससे त्योहार की परंपराओं और उससे जुड़े अनुभवों को डिजिटल माध्यम पर संरक्षित करने में मदद मिल सकती है। मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री आशीष शेलार की मौजूदगी में पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। गणेशोत्सव और उससे जुड़ी कहानियों को डिजिटल मंच देने की यह पहल आने वाले समय में लोगों के लिए जानकारी और सांस्कृतिक सामग्री का माध्यम बन सकती है।
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