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उडुपी। कर्नाटक में गन्ना किसानों की समस्याओं और कीमतों को लेकर जारी चर्चा के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने किसानों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार किसानों और चीनी मिलों, दोनों के हितों की रक्षा करना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ने की कीमतों से जुड़ी समस्या केवल कर्नाटक की नहीं, बल्कि पूरे देश की है।
किसानों और चीनी मिलों का बचना जरूरी
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "किसानों का बचना जरूरी है और चीनी मिलों का बचना भी जरूरी है।" उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा की गई है और आगे बातचीत के लिए बैठक भी बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी गन्ने की कीमतों और किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा चल रही है। इसलिए इसका समाधान सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर निकालना होगा।
कम बारिश से प्रभावित हुई गन्ने की फसल
शिवकुमार ने कहा कि इस वर्ष बारिश की कमी के कारण गन्ने की पैदावार काफी कम हुई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों से चीनी और गन्ने की कीमतों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की ओर से पहले घोषित सहायता जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
केंद्र सरकार से भी हुई चर्चा
गन्ना किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर भी बातचीत हुई है। किसानों की समस्याओं की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है, जो गन्ने की कीमतों और संबंधित मुद्दों का अध्ययन करेगी।
SIR पर भी मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़ा हो, उसका वोट सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इसी दृष्टिकोण के साथ काम करेंगे।
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