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11वीं छात्रा ने मां की साड़ी को बनाया मौत का फंदा

SHIDDHANT
23 Dec 2025 11:42 PM IST
11वीं छात्रा ने मां की साड़ी को बनाया मौत का फंदा
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परिवार और पड़ोसियों में मातम
Noida नोएडा: सेक्टर-9 स्थित जेजे कॉलोनी से सोमवार रात एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जहां 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा सुबह अपनी रोज़मर्रा की तरह स्कूल गई थी और दोपहर बाद घर लौटी। घर पहुंचने के बाद उसने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। परिजनों को इस दौरान किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिली। शाम को जब छात्रा का बड़ा भाई घर पहुंचा और आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला, तो उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा।
दरवाजा खुलते ही परिवार के लोग दंग रह गए। छात्रा का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ था। पुलिस ने बताया कि उसने मां की साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या की थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार की जानकारी
पुलिस ने बताया कि छात्रा का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा में किराये के मकान में रह रहा था। परिवार में माता-पिता और दो बच्चे हैं। पिता और बड़ा बेटा निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मृतक छात्रा गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित एक स्कूल में कक्षा 11वीं की पढ़ाई कर रही थी।
आत्महत्या के कारण का पता नहीं
थाना प्रभारी ने कहा कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने भी किसी तरह के तनाव, विवाद या परेशानी की जानकारी नहीं दी। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन, पढ़ाई से जुड़े दबाव और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर परिजनों, स्कूल स्टाफ और करीबी लोगों से पूछताछ की जाएगी, ताकि आत्महत्या के पीछे छिपे कारणों का पता लगाया जा सके।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
पड़ोसियों का कहना है कि छात्रा हमेशा शांत और मिलनसार थी। वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया। इस घटना से कॉलोनी के लोग सदमे में हैं और मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कक्षा 11वीं की पढ़ाई के दबाव, मानसिक तनाव और सामाजिक माहौल नाबालिगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार और स्कूल का सहयोग अत्यंत जरूरी होता है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की संपूर्ण जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है, और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
इस घटना ने नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य और स्कूल प्रेशर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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