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मुंबई। मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को आयोजित CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ आंदोलन को उम्मीद के मुताबिक जनसमर्थन नहीं मिल सका। बड़े प्रदर्शन की तैयारियों और प्रचार के बावजूद मैदान में 50 से भी कम प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि आंदोलन में महज 30 से 40 लोग शामिल हुए, जबकि वहां मौजूद पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की संख्या 50 से ज्यादा थी। हालांकि, पत्रकारों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आंदोलनकारियों से ज्यादा पत्रकार पहुंचने का दावा
CJP के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चर्चा का सबसे बड़ा विषय आंदोलन में जुटी सीमित भीड़ है। दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की तुलना में समाचार कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों की संख्या ज्यादा थी। आजाद मैदान में कम लोगों की मौजूदगी ने आंदोलन के आयोजन और जनसमर्थन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही।
पुलिस की अनुमति के बावजूद नहीं जुटी भीड़
जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने CJP को आजाद मैदान में एक दिवसीय प्रदर्शन की अनुमति दी थी। आंदोलन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था। आयोजकों ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।
इस आंदोलन का उद्देश्य CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी का विरोध करना तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना था।
आयोजकों के तालमेल पर भी उठे सवाल
प्रदर्शन में कम भीड़ जुटने के पीछे संगठनात्मक तालमेल और सूचना की कमी को भी वजह बताया जा रहा है। कुछ प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की स्पष्ट जानकारी समय पर नहीं मिलने और प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।
रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के मुंबई समन्वयक प्रणव अहीरे भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे। इससे आयोजन की तैयारियों और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता को लेकर सवाल उठे।
The Indian Express
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जनसमर्थन को लेकर छिड़ी बहस
मुंबई में हुए इस प्रदर्शन के बाद CJP की रणनीति और जनसमर्थन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, किसी एक प्रदर्शन में कम भीड़ जुटने को संगठन के समग्र जनसमर्थन का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता।
फिलहाल, आजाद मैदान में अपेक्षा से कम लोगों की मौजूदगी और आयोजन संबंधी शिकायतों ने CJP के इस प्रदर्शन को चर्चा में ला दिया है।
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