भारत
CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे को मिली रिहाई
jantaserishta.com
14 Oct 2026 3:38 PM IST

x
नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को स्पेशल कोर्ट ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा। वहीं, इसी मामले में अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
तीनों को मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसके बाद रात करीब तीन बजे उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। बुधवार सुबह उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला हुआ।
CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने, पहले से तय बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
राहुल गांधी बोले- तिरंगा लहराना अपराध नहीं
CJP नेताओं को जेल भेजे जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए तिरंगा लहराना कोई जुर्म नहीं है। ऐसा करने के लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और इंडिया ब्लॉक से जुड़े लोग अलग-अलग बैनर के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों का उद्देश्य एक है। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और इसे वापस लिया जाएगा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार देश में आपातकाल जैसी स्थिति लागू करना चाहती है, तो उसे इसकी आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। दीपके ने आरोप लगाया कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और उन्हें वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया।
खड़गे ने भी उठाया विरोध के अधिकार का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने SIR के संदर्भ में 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया घोषित किए जाने से जुड़ा आरोप लगाते हुए इसे भारतीयता का अपमान बताया। खड़गे ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, पहले वोट चोरी का मुद्दा और अब विरोध करने के अधिकार से जुड़ा विवाद लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े करता है।
वहीं, CJP नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इन बयानों के बीच प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।
10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
आशुतोष रांका और सौरव दास को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। उस समय CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी उनके साथ थे। तीनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे।
11 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद तीनों को 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।
रिहाई के समय शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तें रखी गई थीं। इनमें एक साल तक ऐसा कोई काम नहीं करने की शर्त शामिल थी, जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों को इसके लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने पड़े थे। मौजूदा मामले में पुलिस ने बॉन्ड की शर्तें तोड़ने का आरोप भी लगाया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद 12 अक्टूबर को और बढ़ गया था। उस दिन केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया। करीब 33 साल पहले इसे प्रदर्शन के लिए तय स्थानों में शामिल किया गया था। गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में चुना गया है।
CJP ने 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक लगाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत को लेकर विवाद जारी है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





