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सड़क परियोजनाओं में लापरवाही पर मुख्यमंत्री सुक्खू का सख्त ऐलान
Shantanu Roy
3 April 2026 3:39 PM IST

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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाही के मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के बजट सत्र में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि टेंडर लेने के बावजूद काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों और फर्मों पर सरकार पेनल्टी लगाएगी और नियमों के तहत उनका टेंडर रद्द भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में किसी व्यक्ति को दो से अधिक परियोजनाएं नहीं दी जाएंगी। जिनके पास दो से अधिक कार्य हैं और जिन कार्यों की शुरुआत नहीं हुई है, उन पर पेनल्टी और कार्य रद्द करने की कार्रवाई होगी।
गुरुवार को बजट सत्र के प्रश्रकाल में विधायक कमलेश ठाकुर और विधायक संजय रतन ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए। विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि उनके क्षेत्र की पांच सड़कें अधूरी और असंतोषजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने एक सड़क के तीन किलोमीटर हिस्से में सफेद केमिकल का प्रयोग किया, जिससे स्थानीय लोग बीमार हो गए। उन्होंने सरकार से कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधायक संजय रतन ने बताया कि यही कंपनी उत्तराखंड में ब्लैकलिस्टेड है और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में इसके पांच कार्य हैं, जिनमें से केवल दो पर काम चल रहा है, जबकि तीन कार्यों को हाथ तक नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी काम की सबलेटिंग कर रही है और परियोजनाओं में लापरवाही बरत रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कंपनी के कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। यह कमेटी लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बनेगी। कमेटी में चीफ इंजीनियर और इएनसी शामिल होंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर फर्म के टेंडर को रद्द किया जाएगा और नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि कमलेश ठाकुर के सवाल और संजय रतन के अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर में यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में सड़क निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब किसी भी फर्म या व्यक्ति को दो से अधिक कार्य नहीं दिए जाएंगे, जिससे परियोजनाओं में लापरवाही की गुंजाइश समाप्त हो।
सुक्खू ने कहा कि ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से भविष्य में सभी परियोजनाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी होंगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्माण कार्यों पर नियमित निगरानी रखें और सुनिश्चित करें कि काम में देरी न हो।
प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। जिन परियोजनाओं में देरी या लापरवाही पाई जाएगी, उनके ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी फर्मों के कामों की समय पर समीक्षा की जाए और आवश्यकता पड़ने पर टेंडर रद्द कर नए ठेकेदार को नियुक्त किया जाए।
मुख्यमंत्री सुक्खू का यह कदम सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे न केवल जनता को बेहतर सड़कें मिलेंगी बल्कि भविष्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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