
पंजाब। पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मौसेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में ज्ञान सिंह मान ने BJP की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर बलजिंदर सिंह वड़िंग ने भी भाजपा में शामिल होने का एलान किया। इसके अलावा आप नेता मनजिंदर सिंह ने भी भाजपा का हाथ थामा। यह घटनाक्रम पंजाब-हरियाणा की सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के भाई ज्ञान सिंह मान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। pic.twitter.com/Z0nsdjUWVE
— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) May 11, 2026
अलग है पंजाब की पॉलिटिक्स
बीजेपी ने पंजाब में अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों को पार्टी में शामिल कराने से कर दी गई है लेकिन पंजाब में पार्टी की राह आसान नहीं है। पंजाब की पॉलिटिक्स अलग है क्योंकि यहां ध्रुवीकरण जैसे मुद्दे नहीं चल पाते. बीजेपी ने युवा महिला, दलित और ओबीसी को लेकर पंजाब में अलग अलग प्लान बनाया है।
किन मुद्दों पर AAP को घेरेगी BJP
पंजाब में नशे का कारोबार बहुत फैला हुआ है और वहां के युवा सबसे ज्यादा इसकी चपेट में हैं। अब इस मुद्दे को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में अभियान शुरू करने जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अब हर महीने गृह मंत्री पंजाब का दौरा करेंगे और वहां पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देंगे। गृह मंत्री शाह का फोकस नशा मुक्त पंजाब अभियान के जरिए युवाओं पर फोकस करना है। ये कहीं न कहीं भावनात्मक मुद्दा भी है क्योंकि नशे से सिर्फ एक युवा बर्बाद नहीं होता बल्कि पूरे परिवार पर उसका असर पड़ता है। खासकर महिलाओं को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है।





