छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: रिटायर्ड कर्मी से 63 लाख की ऑनलाइन ठगी, 5 लोग गिरफ्तार

jantaserishta.com
12 Aug 2021 2:02 AM GMT
छत्तीसगढ़: रिटायर्ड कर्मी से 63 लाख की ऑनलाइन ठगी, 5 लोग गिरफ्तार
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सीजी न्यूज़

बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मी 63 लाख की ऑनलाइन ठगी जामताड़ा के गिरोहबाजों ने की। पुलिस ने छापेमारी कर गैंग के 3 सदस्याें को गिरफ्तार कर लिया है। गैंगबाजों ने रिटायर्ड कर्मी के कोरोना से मृत बेटे का खाता अपडेट करने का झांसा देकर 15 दिन में उनके खाते से पैसे उड़ाए। गैंगबाजों ने रिटायर्ड बिजली कर्मी को फोन पर झांसा दिया कि वे जय स्तंभ चौक स्थित स्टेट बैंक में बैठते हैं। आकर मिल सकते हैं। ठगों ने जिस तरह बैंक का सही सही पता बताया, उसे सुनकर ही बुजुर्ग पूरी तरह से झांसे में आ गए।

गैंगबाज रोज 15 दिनों तक बुजुर्ग को लिंक भेजकर उनसे ओटीपी पूछते और खाते से पैसे निकालते रहे। रोज रोज बातें करने के दौरान ही बुजुर्ग ने एक दिन पूछ लिया कि वे उनसे ठगी तो नहीं कर रहे हैं। उसी दौरान गैंगबाजों ने कहा कि वे स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में बैठते हैं। ठगों ने अपना पद तक बताया। इसी इनपुट के बाद पुलिस को शक है कि जालसाजों का बैंक से कहीं न कहीं लिंक है। बैंक के किसी लिंक से ही उन्हें पता चला कि बिजली कंपनी के रिटायर्ड कर्मी अशाेक साहू के खाते में 63 लाख हैं। अशोक साहू का मोबाइल नंबर भी ठगों को बैंक से ही मिलने का शक है। मोबाइल नंबर होने के कारण उन्होंने सीधे उन्हें फोन किया और मृत बेटे का खाता अपडेट करने का हवाला देकर जाल में फंसाया। बुजुर्ग के खाते में जब जीरो बैलेंस हो गया तब उन्हें ठगी का पता चला।
पुलिस ने उन खातों का पता लगाया, जिसमें ठगों ने बुजुर्ग के पैसे ट्रांसफर किए थे। खाता नंबर के आधार पर पुलिस को लिंक मिला और जामताड़ा में छापेमारी की गई। वहां से गिरफ्तार कर तीनों गिरोहबाजों को रायपुर लाया जा रहा है। गुरुवार को पुलिस की टीम तीनों को लेकर यहां पहुंचेगी। अफसरों के अनुसार शुक्रवार को पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। अफसरों को शक है कि आरोपियों से ठगी के कुछ और मामलों का खुलासा होगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों गैंगबाज बातों में उलझाकर किसी को भी फंसाने में माहिर हैं। तीनों अलग-अलग फोन करते थे, इस वजह से बुजुर्ग को शक भी नहीं हुआ।
पैसों की रिकवरी पर उलझन
पुलिस ने तीन गिरोहबाजों को पकड़ तो लिया है, लेकिन पैसों की रिकवरी को लेकर उलझन बनी हुई है। ठगों ने ये जानकारी नहीं दी है कि पैसे कहां खर्च किए। पुलिस के अनुसार अशाेक साहू के पास 17 जून को सबसे पहला फोन आया। उसी दिन शाम तक उनके पास अलग-अलग नंबरों से फोन किए गए। कॉल करने वाले खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर खाते से संबंधित जानकारी लेते रहे। 17 जून से 1 अगस्त के बीच उनके खाते से 63 लाख 33 हजार 439 रुपए निकाल लिए गए। इस ठगी को छत्तीसगढ़ की अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी माना जा रहा है। इस पूरे मामले की जांच अभनपुर पुलिस और सायबर सेल की विशेष टीम जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस की 12 सदस्यीय टीम झारखंड, जामताड़ा और ओडिशा समेत कई राज्यों में डेरा डाले हुई थी। लगातार कई लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि इस मामले में झारखंड के ही आरोपी शामिल हैं। पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ही उन्हें घेरेबंदी कर पकड़ा गया।
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