
x
भ्रष्टाचार
Nashik नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। CBI ने CGST और सेंट्रल एक्साइज, नासिक आयुक्तालय में तैनात अधीक्षक हरी प्रकाश शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि अधीक्षक ने एक निजी कंपनी के आईजीएसटी इनपुट मामले में कानूनी कार्रवाई रोकने के बदले 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। CBI ने बताया कि 14 अक्टूबर को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी अधीक्षक ने पीड़ित से बातचीत के दौरान राशि घटाकर 22 लाख रुपये कर दी थी। इसके बाद 17 अक्टूबर को आरोपी ने 5 लाख रुपये की पहली किस्त लेने का प्रयास किया, तभी CBI ने जाल बिछाकर शर्मा को उसके नासिक स्थित कार्यालय के बाहर रंगे हाथ पकड़ लिया।
छापेमारी के दौरान आरोपी के आवास और कार्यालय से कुल 19 लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। CBI ने इन दस्तावेजों और बरामद नकदी की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी को पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। CBI की कार्रवाई केवल नासिक तक सीमित नहीं रही। गुवाहाटी में तैनात राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के कार्यकारी निदेशक को भी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी अधिकारी को एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। मामले में आरोपी निदेशक और निजी कंपनी के दो अन्य लोगों के खिलाफ पहले ही शिकायत दर्ज की गई थी। CBI अब आरोपी निदेशक की संपत्ति की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई प्रवर्तन और भ्रष्टाचार रोकने के प्रयासों को मजबूत करती है। CBI ने कहा कि अधीक्षक और NHIDCL अधिकारी के खिलाफ मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने नासिक और गुवाहाटी में प्रशासन और व्यापारिक समुदाय में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय मीडिया और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम भ्रष्ट अधिकारियों और व्यवसायों के बीच रिश्वतखोरी को रोकने में एक चेतावनी के रूप में काम करेगा। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि CBI भ्रष्टाचार के मामलों में सक्रिय है और उच्च पदस्थ अधिकारियों को भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। अधिकारीयों और व्यापार जगत के लिए यह एक सख्त संदेश है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। नासिक और गुवाहाटी की यह घटनाएँ इस बात की ओर संकेत करती हैं कि देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना उनकी प्राथमिकता है।
Tagsनासिक CBI कार्रवाईCGST अधीक्षक रिश्वतहरी प्रकाश शर्मा गिरफ्तार50 लाख की मांगनकद बरामदNHIDCL अधिकारीभ्रष्टाचार जांचमहाराष्ट्र भ्रष्टाचारइमपोर्ट/आईजीएसटी मामलाकेंद्रीय जांच ब्यूरोNashik CBI actionCGST Superintendent bribeHari Prakash Sharma arrestedRs 50 lakh demandedcash recoveredNHIDCL officialcorruption probeMaharashtra corruptionImport/IGST caseCentral Bureau of Investigationजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





