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एलईडी तरीके से मछली पकड़ना रोकने को गोवा के घाटों पर लगेंगे सीसीटीवी
jantaserishta.com
25 Oct 2022 6:36 PM IST

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पणजी (आईएएनएस)| मछली पकड़ने की सतत गतिविधियों और एलईडी तरीके से मछली पकड़ना रोकने के लिए गोवा सरकार ने समुद्र तटीय घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है। राज्य के मत्स्य पालन मंत्री नीलकंठ हलारंकर ने मंगलवार को यह बात कही। हलारंकर ने यहां पत्रकारों से कहा, "मछली पकड़ने की सतत गतिविधियों के लिए एलईडी तरीके से मछली पकड़ने को रोका जाना चाहिए। इसके लिए हम सभी घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएंगे। हमने पहले ही वास्को जेट्टी पर काम शुरू कर दिया था, जिसका काम कुछ कारणों से बंद हो गया था, लेकिन जल्द ही यह प्रक्रिया फिर से शुरू होगी।"
उन्होंने कहा कि घाटों पर सीसीटीवी लगाने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है।
उन्होंने कहा, "हम सीसीटीवी लगाएंगे और ऐसी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।"
इससे पहले मई में हलारंकर ने कहा था कि एलईडी फिशिंग आमतौर पर समुद्र तट से 12 नॉटिकल मील की दूरी पर होती है।
उन्होंने कहा, "हमारे पास छापेमारी करने के लिए केवल एक नाव है, जो इतनी दूर तक नहीं पहुंच सकती, इसलिए दो और नावें खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं।"
गोवा में मछुआरे एलईडी रोशनी की मदद से मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। एलईडी रोशनी पानी के भीतर अपनी शक्तिशाली चमक की मदद से मछलियों के पूरे झुंड को आकर्षित करती है।
समुद्री वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि एलईडी रोशनी की मदद से अंधाधुंध मछली पकड़ने को बढ़ावा मिलता रहा तो अंतत: गोवा के पानी में मछली का अकाल पड़ जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मछली पकड़ने वाली नावों पर मछुआरे नवंबर या दिसंबर के महीने से एलईडी लाइट का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
एक मत्स्य पालन अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, "जब मछलियां अच्छी मात्रा में मिल रही होती हैं, तब मछुआरे एलईडी रोशनी का उपयोग नहीं करते हैं। लेकिन बाद में जब कम मछलियां पकड़ में आती हैं, तब वे इसका इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। हम उन पर नजर रखेंगे।"
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