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IIT बॉम्बे छात्र मौत मामले में, CCTV आया सामने...

SHIDDHANT
23 Sept 2026 8:37 PM IST
IIT बॉम्बे छात्र मौत मामले में, CCTV आया सामने...
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MUMBAI मुंबई। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में परीक्षा हॉल और कैंपस के CCTV फुटेज जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन होने का आरोप सामने आया था। CCTV में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को साहिल से पूछताछ करते और बाद में उसे परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहते देखा गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब फुटेज के साथ छात्रों और फैकल्टी के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।



परीक्षा हॉल की फुटेज लगभग दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच की बताई गई है। रिपोर्टों के मुताबिक फुटेज में प्रोफेसर को साहिल से उस समय पूछताछ करते देखा गया जब उन्हें संदेह हुआ कि वह अपनी जेब में रखी किसी वस्तु को देख रहा है। इसके बाद साहिल को दूसरे छात्रों से अलग किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उस दौरान वास्तव में क्या बातचीत हुई और परीक्षा हॉल से बाहर निकलने के बाद साहिल किन-किन स्थानों पर गया।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में साहिल द्वारा फोन सौंपने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस की सार्वजनिक जानकारी में इस विशिष्ट दृश्य का स्वतंत्र विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए CCTV के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले क्राइम ब्रांच की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस ने परीक्षा हॉल की फुटेज अपने कब्जे में लेकर वहां मौजूद छात्रों से पूछताछ शुरू की है। साहिल IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। परीक्षा से जुड़ी घटना के बाद वह अपने हॉस्टल लौटा और उसी दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस अब परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक की उसकी गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार कर रही है।
मामले में साहिल के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का आरोप है कि साहिल को जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर IIT बॉम्बे प्रशासन ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और साबित नहीं हुए हैं।
मामले को जातीय भेदभाव से जोड़ने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हुई है। महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने आरोप लगाया है कि छात्र की मौत को जानबूझकर जातीय रंग दिया जा रहा है। दूसरी ओर साहिल के माता-पिता जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का इंतजार महत्वपूर्ण है। मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, डिजिटल उपकरणों, छात्रों और फैकल्टी के बयानों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि साहिल की मौत से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था। जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षा हॉल की घटना और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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