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CBI ने मेहुल चौकसी के खिलाफ दाखिल की एक और चार्जशीट, सबूत मिटाने के लगे आरोप

Chandravati Verma
16 Jun 2021 1:30 PM GMT
CBI ने मेहुल चौकसी के खिलाफ दाखिल की एक और चार्जशीट, सबूत मिटाने के लगे आरोप
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भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी

भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और 21 अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की है जिसमें पहली बार मेहुल चोकसी पर सबूतों को मिटाने के आरोप लगे हैं.

एजेंसी की चार्जशीट में दावा किया गया है कि चोकसी ने पीएनबी के अधिकारियों की मिलीभगत से 2017 में 165 लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और 58 एफएलसी (फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट) को धोखाधड़ी से जारी किया, जिससे बैंक को 6,097 करोड़ ($952 मिलियन) का नुकसान हुआ. इसके बाद वह सबूतों को मिटाने में भी शामिल रहा.
अधिकारियों ने कहा कि भारत की निर्वासन याचिका को बढ़ावा देने के लिए इस नई चार्जशीट को डोमिनिका में अधिकारियों और कोर्ट के साथ शेयर किया जाएगा. चार्जशीट में चोकसी के अलावा 21 लोगों और कंपनियों के नाम हैं, जिनमें पीएनबी के रिटायर्ड डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी, सिंगल विंडो ऑपरेटर हनुमंत करात, इलाहाबाद बैंक की पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर उषा अनंतसुब्रमण्यम, पीएनबी के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केवी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण शामिल हैं. इसके अलावा बैंक के पूर्व महाप्रबंधक नेहल अहद, चोकसी के गीतांजलि समूह के पूर्व उपाध्यक्ष विपुल चितालिया और कुछ कंपनियां भी शामिल हैं.
चार्जशीट में कहा गया है, "दिसंबर 2017 में, मेहुल चोकसी ने हांगकांग का दौरा किया और हांगकांग स्थित आपूर्तिकर्ता संस्थाओं (उनके द्वारा नियंत्रित) के डमी निदेशकों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि भारत में उनकी कंपनी – गीतांजलि समूह से संबंधित समस्याएं चल रही हैं और वह उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है. इससे पता चलता है कि मेहुल चोकसी को आपराधिक कार्रवाई के बारे में पहले से जानकारी थी. इसलिए, वह कानून की प्रक्रिया से बचने के लिए 4 जनवरी, 2018 को देश छोड़कर भाग गया.
सीबीआई की ओर से ये चार्जशीट 10 जून को दाखिल की गई. मेहुल चौकसी के खिलाफ पहली चार्जशीट 2018 में दायर की गई थी. मेहुल चोकसी एक समय में हीरे का बिजनेस टाइकून था, जोकि अब एक बड़ा जालसाज है. चोकसी पर आरोप है कि उसने तेजी से डायमंड जेम्स की ज्वेलरी का बिजनेस अगल-अलग ब्रांड के नाम से शुरू किया, जिससे उसने 6,498 करोड़ रुपये की चपत लगाई.
मेहुल चोकसी ने नीरव मोदी के साथ मिलाया था हाथ
इसके बाद मेहुल चोकसी ने नीरव मोदी के साथ पार्टनरशिप कर स्टेलर डायमंड, डायमंड आर और सोलर एक्सपोर्टर्स कंपनी में पार्टनशिप कर ली. इन दोनों ने मिलकर डायमंड की गुणवत्ता के साथ समझौता करना शुरू कर दिया और अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया जाने लगा. हालांकि 2016 में चोकसी को भारी नुकसान झेलना पड़े था.
डोमिनिकन कोर्ट में भी दाखिल हैं याचिकाएं
इसके साथ ही मेहुल चोकसी मामले को लेकर भारत की ओर से डोमिनिकन कोर्ट में 2 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. चोकसी के भारत प्रत्यर्पण सुनिश्चित करने के लिए भारत की ओर से डोमिनिका हाई कोर्ट के समक्ष अभियोग याचिका दायर की हैं. ये अभियोग याचिकाएं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और विदेश मंत्रालय की ओर से दायर की गई हैं.


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