
भोपाल। CBI ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया. सीबीआई ने सवाल उठाया कि ट्विशा के शव पर कई चोट के निशान थे लेकिन उनके पति और सास ने इसको लेकर कोई एक्सप्लेनेशन सब्मिट नहीं किया है, ऐसा क्यों? क्वेरी रिपोर्ट से साफ है कि लाश पर निशान लिगेचर (शव को बांधने वाली रस्सी) से नहीं हो सकते हैं तो शव पर चोट के निशान आए कहां से?
इसके अलावा सीबीआई ने कहा कि ट्विशा की मौत के बाद गिरबाला ने छोटी सी सलेक्टिव वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर लीक की जिसे सबूतों से छेड़छाड़ माना जाए. वहीं व्हाट्सएप चैट से साफ है कि गिरिबाला और समर्थ ट्विशा के चरित्र पर शक करते थे. उन्होंने उसकी प्रेग्नेंसी को किसी और का बच्चा बताकर उसे अबॉर्शन के लिए मजबूर किया था.
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामलों में बयानों से साफ है कि ट्विशा के घर वालों से कई मौकों पर दहेज लिया गया क्योंकि शादी में दिया गया पैसा उसके ससुराल वालों को उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से कम लगता था. आखिर में एजेंसी ने साफ किया कि - गिरिबाला सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है क्योंकि उसने ट्विशा के चरित्र को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
बता दें कि अभी एक दिन पहले ही हाई कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निचली अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों, गवाहों के बयान और लगाए गए आरोपों पर पर्याप्त गंभीरता से विचार नहीं किया था. हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि पूरे मामले में आरोप सिर्फ समर्थ सिंह तक ही सीमित हैं.
#WATCH | Twisha Sharma death case | A CBI team arrives at the residence of Giribala Singh, mother-in-law of Twisha, in Bhopal, Madhya Pradesh. pic.twitter.com/ZM6P5FpgAe
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 28, 2026





