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नादौन में चिप्स पैकेट में कीड़े मिलने का मामला, खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच
Shantanu Roy
18 April 2026 3:28 PM IST

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Hamirpur. हमीरपुर। उपमंडल नादौन में एक चिप्स के पैकेट के अंदर कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह मामला विकास खंड नादौन के गौना गांव से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक दुकान से खरीदे गए लेज़ चिप्स के पैकेट में कीड़े पाए गए। जानकारी के अनुसार यह चिप्स का पैकेट पांच रुपये में खरीदा गया था। पैकेट पर निर्माण तिथि 19 मार्च 2026 और समाप्ति तिथि 17 जुलाई 2026 अंकित थी। परिजनों के अनुसार जब घर पर पैकेट खोलकर बच्चे को देने की तैयारी की जा रही थी।
तभी अंदर कुछ हिलता हुआ दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर पाया गया कि चिप्स के बीच में कीड़े मौजूद थे, जिनमें एक बड़ा काले रंग का कीड़ा भी शामिल था। इस घटना से परिवार के लोग डर गए, क्योंकि यह चिप्स दो वर्षीय बच्चे के लिए लाया गया था। परिजनों का कहना है कि यदि बच्चा बिना देखे इसे खा लेता तो उसकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। मामले की जानकारी मिलने पर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू करने की बात कही है। विभाग अब उस दुकान की पहचान करने में जुटा है, जहां से यह पैकेट खरीदा गया था। इसके लिए ग्राहक से संपर्क कर दुकान का पता लगाया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही संबंधित दुकान और सप्लाई चेन की जानकारी मिलती है, एफएसएसएआई मानकों के तहत जांच शुरू की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने इसे स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है और कहा है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानदार ने बताया कि यह सामान उन्हें हाल ही में कंपनी की ओर से सप्लाई किया गया था, और वह भी इस मामले को लेकर कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं। वहीं, परिजनों ने लोगों से अपील की है कि छोटे बच्चों को इस तरह के पैक्ड फूड देने से पहले सावधानी बरतें और उत्पाद की अच्छी तरह जांच करें। परिजनों ने यह भी कहा कि वे अब अपने बच्चों को इस तरह के पैक्ड स्नैक्स देने से बचेंगे। उन्होंने कंपनी से भी मांग की है कि पैकिंग और गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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