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वायु गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता
Delhi दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त रुख अपनाते हुए बायोमास को-फायरिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 थर्मल पावर प्लांट्स (TPP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन प्लांट्स पर नियमों के पालन में लापरवाही पाए जाने के आधार पर कुल ₹61.85 करोड़ का पर्यावरणीय जुर्माना (EC) लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
CAQM के अनुसार, केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित थर्मल पावर प्लांट्स ने बायोमास के निर्धारित अनुपालन को नहीं अपनाया। बायोमास को-फायरिंग का उद्देश्य कोयले पर निर्भरता कम करना और पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को घटाना है। आयोग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित इकाइयों को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब देना होगा। समयसीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने या उल्लंघन की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माने के साथ आगे के दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
वायु गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता
यह कार्रवाई भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दिए गए डेटा के आधार पर FY 2024-25 की अनुपालन स्थिति की विस्तृत समीक्षा के बाद की गई है। CAQM ने साफ तौर पर कहा कि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। आयोग ने संकेत दिए हैं कि पराली जलाने पर रोक और स्वच्छ ईंधन के उपयोग के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।
नोटिस पाने वाले थर्मल पावर प्लांट्स
इन 6 थर्मल पावर प्लांट्स को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (EC) के प्रस्ताव सहित नोटिस जारी किए गए हैं:
तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL वेदांता), मानसा, पंजाब – प्रस्तावित EC: ₹33.02 करोड़
पानीपत थर्मल पावर स्टेशन (PTPS), पानीपत, हरियाणा – प्रस्तावित EC: ₹8.98 करोड़
दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर स्टेशन (DCRTPS), यमुनानगर, हरियाणा – प्रस्तावित EC: ₹6.69 करोड़
राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट (RGTPP), हिसार, हरियाणा – प्रस्तावित EC: ₹5.55 करोड़
PSPCL गुरु हरगोबिंद थर्मल पावर प्लांट, लेहरा मोहब्बत, पंजाब – प्रस्तावित EC: ₹4.87 करोड़
हरदुआगंज थर्मल पावर स्टेशन, UPRVUNL, उत्तर प्रदेश – प्रस्तावित EC: ₹2.74 करोड़
CAQM ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले थर्मल पावर प्लांट्स पर लागू की गई है। नोटिस का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन कराना है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना भी है।
आगे की प्रक्रिया
आयोग ने कहा है कि सभी प्लांट्स को नोटिस का जवाब निर्धारित समय में देना अनिवार्य है। यदि जवाब असंतोषजनक पाया जाता है या उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जुर्माने के अलावा और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने और पराली जलाने जैसी समस्याओं को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से न सिर्फ थर्मल पावर प्लांट्स की निगरानी बढ़ेगी, बल्कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
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