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Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण फैसलों को देश की विकास यात्रा के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) का गठन भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स ढांचे में बेहतर समन्वय, डेटा आधारित योजना और मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ITLA का गठन देश के विकास पथ पर व्यापक और दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। सरकार के अनुसार यह अथॉरिटी परिवहन से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच समन्वय की पुरानी चुनौतियों को कम करने में भूमिका निभाएगी।
कैबिनेट के फैसले के तहत ITLA को एक विशेष प्रयोजन वाहन यानी SPV के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रिसर्च, प्लानिंग, परियोजनाओं के मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत बनाना है। नई व्यवस्था के तहत सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई और जल परिवहन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर रहेगा। इससे मल्टीमॉडल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलने और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की दक्षता तथा प्रभावशीलता में सुधार की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने MSME क्षेत्र से जुड़े एक अन्य फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने SME Growth Fund को छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़ा अवसर बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल भारत के अगले दौर के उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं को तैयार करने में मदद करेगी। सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता के साथ SME Growth Fund को मंजूरी दी है। यह फंड केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित व्यापक MSME समर्थन पैकेज का हिस्सा है। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को कारोबार विस्तार और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए विकास पूंजी उपलब्ध कराना है।
पीएम मोदी के अनुसार यह फंड SME को विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने और वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने के लिए मंच देगा। सरकार का मानना है कि वर्तमान में अधिकांश इक्विटी फंड शुरुआती चरण के स्टार्टअप और सूक्ष्म उद्यमों पर केंद्रित हैं। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विकास के अगले चरण में पर्याप्त इक्विटी पूंजी की कमी बनी रहती है। नया फंड इसी अंतर को भरने का प्रयास करेगा।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक SME Growth Fund का लाभ विनिर्माण, सेवाओं, टेक्नोलॉजी, नवाचार आधारित उद्योगों और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है। इससे भारतीय उद्यमों को बड़े स्तर पर विस्तार करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है। इस पहल से घरेलू पूंजी बाजार को भी मजबूत करने और विकासशील कंपनियों को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। सरकार ने दोनों फैसलों को इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम बताया है।
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