
गांव लक्ष्मीपुरा में सुखबीर का 18 वर्षीय बेटा गोविंद रोजाना की तरह रात में अपने घेर में सोने गया था। गोविंद के चाचा दीनदयाल ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे वह पशुओं को चारा डालने घेर में पहुंचे तो बाहर मुख्य गेट की कुंडी लगी थी। कुंडी खोलकर अंदर देखा तो गोविंद नहीं मिला। चारपाई पर उसका मोबाइल पड़ा मिला। तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक खेत के पास धान की रुपाई कर रहे किसानों ने युवक का शव देख गांव में लोगों को जानकारी दी। परिजनों ने शिनाख्त गोविंद पुत्र सुखबीर के रूप में की। सूचना पर सीओ फारेंसिक व सर्विलांस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकाला। शव को ज्वलशील पदार्थ से जलाया गया था। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह, एएसपी सुमित शुक्ला ने भी घटना स्थल का मुआयना किया।
परिजनों के मुताबिक गोविंद अकेला ही घेर में सोता था। सुबह परिजनों ने घेर की कुंडी खोली तो उसका मोबाइल भी चारपाई पर पड़ा मिला। अंदेशा लगाया जा रहा है गोविद कुंडी लगाकर बाहर स्वयं गया या फिर गोविंद को जबरदस्ती घेर से बाहर ले जाकर अज्ञात लोगों ने खुद कुंडी बंद की। जिस खेत में नलकूप के कुएं में उसका शव मिला वह घेर से करीब पांच सौ मीटर दूर बताया जा रहा है। उधर, डिबाई के ग्राम असदपुर में 88 वर्षीय पूर्व प्रधान का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ब्लेड से गला रेतने से उनकी गर्दन पर गहरा घाव हुआ, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस को मौके से एक ब्लेड मिला है। पुलिस मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।





