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ऊर्जा विभाग की जमीन पर बुलडोजर अभियान, 60 इमारतें और मदरसा ध्वस्त

SHIDDHANT
7 Dec 2025 9:09 PM IST
ऊर्जा विभाग की जमीन पर बुलडोजर अभियान, 60 इमारतें और मदरसा ध्वस्त
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प्रशासन
Dehradun देहरादून: प्रशासन ने पिछले हफ़्ते ऊर्जा विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 11 हेक्टेयर क्षेत्र में बनी लगभग 60 इमारतें और एक मदरसा ध्वस्त किए गए, जिन पर 111 परिवारों का अवैध कब्जा था। यह कार्रवाई प्रशासन की शहरी जमीन पर अवैध कब्जों और अनियमित निर्माण के खिलाफ ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अवैध निर्माण और मजारों के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया हुआ है। सीएम धामी ने अब तक 550 से अधिक अवैध मजारों को ध्वस्त किया है और 200 से अधिक अवैध मदरसों पर ताला लगा दिया है। उनका कहना है कि राज्य में कानून और नियमों का पालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पछवादून क्षेत्र में यह बुलडोजर अभियान विशेष रूप से ऊर्जा विभाग की सरकारी जमीन पर हुआ। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कई सालों से यहां निर्माण हो रहा था और यह इलाके की नियामक नीतियों के विरुद्ध था। अधिकारियों ने कहा कि इन इमारतों और मदरसों को गिराने का उद्देश्य न केवल अवैध कब्जा हटाना था बल्कि राज्य की सरकारी जमीन और संसाधनों की रक्षा करना भी था। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान सभी आवश्यक सावधानियां बरती गईं और किसी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई। ध्वस्त किए गए अवैध निर्माण के स्थान पर अब भविष्य में योजना के अनुसार विकास कार्य और सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाएं लागू की जाएंगी।

स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से अवैध कब्जों के कारण इलाके में अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी परेशानियां बढ़ गई थीं। बुलडोजर अभियान से अब इलाके में कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ेगा और सरकारी जमीन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। उत्तराखंड सरकार की नीति स्पष्ट है कि राज्य में किसी भी अवैध निर्माण, अवैध मजार या मदरसों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम धामी का कहना है कि जो लोग सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें उचित कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस अभियान के साथ ही राज्य सरकार ने यह संदेश दिया है कि अवैध निर्माण और कब्जा रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने के लिए हमेशा तैयार है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता और सरकारी संपत्ति दोनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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