
असम। दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले में शरारती तत्वों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमला कर दिया। इसके बाद जवानों की गोलीबारी की जिसमें कम से कम 2 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
आधिकारिक बयान में बताया गया कि शनिवार को दिवानेरलगा गांव में शरारती तत्वों ने बीएसएफ जवानों पर हमला किया। बयान में कहा गया, ‘क्षेत्र में बीएसएफ की ओर से तस्करी विरोधी अभियानों चलाया जा रहा है। इसी बीच, आगे की कार्रवाई के डर से कुछ शरारती तत्वों के एक गिरोह ने बीएसएफ कर्मियों पर हमला कर दिया।’
बीएसएफ गुवाहाटी फ्रंटियर के जन संपर्क अधिकारी ने कहा कि सतर्कता और अत्यंत संयम बनाए रखते हुए ऐक्शन लिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बयान में कहा, ‘अभियान के दौरान बीएसएफ की सीमित कार्रवाई के बावजूद 2 बदमाशों को छर्रे की फायरिंग के दौरान चोटें आईं। हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी।’ अधिकारी ने कहा कि कर्मियों पर हमला करने से लोगों को रोकने के लिए छर्रे की फायरिंग की गई।
बीएसएफ ने जवानों पर हमला करने वाले शरारती तत्वों में 8 लोगों की पहचान की है। हमले के बाद बीएसएफ ने स्थानीय पुलिस में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, असम सरकार ने रविवार को कहा कि उसने कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद राज्य के तीन जिलों में सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम, 1958 की अवधि 6 महीने के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने डिब्रूगढ़ जिले में हालात में सुधार के बाद वहां से अफस्पा हटा दिया है। गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देबप्रसाद मिश्रा ने एक आदेश में कहा कि इन 4 जिलों को पिछले वर्ष 8 अक्टूबर से अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्र में रखा गया था, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों से यह अधिनियम हटा लिया गया था।





