भारत
BREAKING: आधी रात को युवक का काट डाला प्राइवेट पार्ट, मचा हड़कंप
Shantanu Roy
17 Oct 2025 12:12 AM IST

x
बड़ी खबर
Prayagraj. प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक हैरान करने वाला और विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 20 वर्षीय युवक के प्राइवेट पार्ट को किसी अज्ञात व्यक्ति ने काट दिया। घटना से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर उसकी जान बचाई। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना मऊआइमा थाना क्षेत्र के एक गांव में घटी। घायल युवक के बड़े भाई ने बताया कि उसका भाई रात को अपने कमरे में सो रहा था। अचानक रात लगभग दो बजे युवक चीखते हुए खून से लथपथ अपने बड़े भाई के कमरे में पहुंचा। उसने कहा कि उसके प्राइवेट पार्ट पर हमला किया गया है और वह असहाय महसूस कर रहा था। गंभीर हालत को देखकर उसे तुरंत एसआरएन अस्पताल ले जाया गया।
घटना की आशंका है कि युवक के प्राइवेट पार्ट पर किसी धारदार हथियार जैसे चाकू से हमला किया गया। घायल के परिजन अभी तक यह नहीं जान सके हैं कि इस हमले के पीछे कौन और क्यों जिम्मेदार है। मऊआइमा थाना प्रभारी पंकज अवस्थी ने कहा कि पूछताछ के बावजूद अब तक मामले की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि यदि घायल के परिजन तहरीर देंगे, तो पुलिस मामले की विवेचना कर विधिक कार्रवाई करेगी। एसआरएन अस्पताल के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि घायल युवक को गुरुवार भोर में अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने देखा कि उसके प्राइवेट पार्ट का आधा हिस्सा किसी धारदार हथियार से काटा गया था और रक्तस्राव तेज था। यह स्थिति अत्यंत गंभीर थी और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप न होता तो युवक की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिलीप चौरसिया ने बताया कि मेडिकल टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। सर्जरी में उप-प्राचार्य व प्लास्टिक सर्जन डॉ. मोहित जैन और डॉ. शिरीष मिश्रा भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज का रक्तस्राव बंद कर दिया गया है। हालांकि, घायल युवक को पूरी तरह ठीक होने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। डॉ. चौरसिया ने बताया कि इस तरह के मामले दुर्लभ हैं और इस मामले में विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए। उन्होंने कहा कि युवक की हालत अब स्थिर है, लेकिन उसे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की निगरानी की जरूरत है। मऊआइमा थाना प्रभारी पंकज अवस्थी ने कहा कि घटना की जांच अभी जारी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि घटना स्थल से जुड़े किसी भी सुराग या पड़ोसी के बयान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भय और आश्चर्य का माहौल पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की हिंसा की आशंका किसी ने नहीं जताई थी और पूरे इलाके में लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। घायल युवक के परिजन अभी तक इस हमले के पीछे के मकसद और आरोपी की पहचान नहीं कर पाए हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों को जल्द पकड़ने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के हमलों में जल्दी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। चिकित्सकीय टीम और पुलिस ने मिलकर स्थिति को गंभीरता से संभाला, जिससे युवक की जान बचाई जा सकी। यह घटना प्रयागराज में स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी चेतावनी है कि ऐसे हमले अचानक और भयावह रूप में सामने आ सकते हैं। लोग अधिक सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस मामले की आगे की जांच में पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ग्रामीणों के बयान और अस्पताल रिपोर्ट का सहारा ले रही है। यदि मामला तहरीर के माध्यम से दर्ज होता है, तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी दुर्घटना या हिंसक घटना के समय तुरंत अस्पताल पहुंचें और उचित चिकित्सकीय मदद लें। वहीं, पुलिस भी पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा रही है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।प्रयागराज में यह घटना जिले के लिए चिंता का विषय बन गई है और लोगों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि वे हर संभावना का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार करने का प्रयास करेंगे।
Tagsप्रयागराजमऊआइमा थानाचाकू हमलायुवक घायलप्राइवेट पार्टएसआरएन अस्पतालसर्जरीयूरोलॉजी विभागपुलिस जांचगंभीर हालतधारदार हथियारतहरीरकानून कार्रवाईमेडिकल टीमजीवन रक्षक ऑपरेशनPrayagrajMauaima police stationknife attackyouth injuredprivate partsSRN hospitalsurgeryurology departmentpolice investigationserious conditionsharp weaponcomplaintlegal actionmedical teamlife saving operation
Next Story





