भारत

BREAKING: वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर चोर गिरफ़्तार

Shantanu Roy
14 Oct 2025 7:07 PM IST
BREAKING: वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर चोर गिरफ़्तार
x
बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रहे वाहन चोरी के मामलों पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला विशेष स्टाफ टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वाहन चोरी में लिप्त एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें और तीन मास्टर की बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से दोपहिया वाहनों की चोरी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।

गुप्त सूचना पर कार्रवाई, समस्पुर में दबोचे गए आरोपी
पूर्वी जिले की विशेष स्टाफ टीम ने हाल ही में जिले में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया था। टीम को स्थानीय खुफिया नेटवर्क से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि कुछ युवक दोपहिया वाहनों की चोरी में शामिल हैं और नोएडा से लेकर दिल्ली के पूर्वी इलाकों तक सक्रिय रूप से अपराध कर रहे हैं। इसी दौरान, 13 अक्टूबर 2025 को पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि दो संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पंडव नगर के समीप समस्पुर क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम जिसमें एसआई अनिल, हेड कांस्टेबल नरेश, मानंदर, अमित और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे — ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को रोक लिया। जांच के दौरान पता चला कि उनके पास मौजूद दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की हैं।

गिरफ्तार आरोपी और छिपाई गई बाइकों का खुलासा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलमान उर्फ फैजान (25 वर्ष, निवासी सुंदर नगरी), अशरफ (25 वर्ष, निवासी न्यू सीमापुरी) और यशराज उर्फ गोलू (19 वर्ष, निवासी गौतम विहार) के रूप में हुई। पूछताछ में तीनों ने अपराध स्वीकार करते हुए खुलासा किया कि उन्होंने यमुनाखादर क्षेत्र में कई और चोरी की बाइक्स छिपा रखी हैं, जिन्हें वे जल्द ही बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की निशानदेही पर उस स्थान पर छापा मारा, जहां से आठ और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस तरह कुल 10 चोरी की बाइक्स पुलिस ने जब्त की हैं। इन सभी बाइकों को दिल्ली के अलग-अलग थानों से चोरी किया गया था, जिनकी एफआईआर पहले से दर्ज थी।

मास्टर की से खोलते थे बाइक, रात में देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में मुख्य आरोपी सलमान फैजान ने बताया कि वह और उसके साथी विशेष रूप से “मास्टर की” का उपयोग करते थे, जिससे वे किसी भी बाइक का लॉक कुछ ही सेकंड में खोल सकते थे। वे रात के समय सुनसान इलाकों में पार्क की गई बाइकों को निशाना बनाते थे। चोरी की गई बाइकों को वे या तो कबाड़ी बाजार में बेच देते थे या फिर उन्हें सस्ते दामों में अपने संपर्कों को यूपी और हरियाणा में सप्लाई करते थे। पुलिस ने आरोपियों से तीन मास्टर की बरामद की हैं, जिनका उपयोग चोरी की घटनाओं में किया जाता था। जांच से यह भी पता चला है कि गिरोह दिल्ली के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के कुछ इलाकों में भी सक्रिय था।

मुख्य आरोपी सलमान पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार
मुख्य आरोपी सलमान फैजान के खिलाफ पहले से ही पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक पेंटर का काम करता है, लेकिन नशे की लत और आसान पैसे की चाहत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। वहीं, अशरफ और यशराज भी पहले चोरी और नशे से जुड़े मामलों में पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य एक-दूसरे से मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में रहते थे। वे चोरी की बाइक के पार्ट्स बदलकर उसे नकली दस्तावेजों के साथ बेच देते थे। कई बार वे बाइक के चेसिस नंबर को मिटा देते थे ताकि पुलिस को पहचानने में कठिनाई हो।
Next Story