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Delhi दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 60 से 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी आई हैं। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
जंतर-मंतर के आसपास शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स के पास नारेबाजी की और आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए मौके से हटाया। प्रदर्शन में छात्र संगठनों और नागरिक समूहों से जुड़े लोग शामिल थे। शनिवार के प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोग पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोका।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू है और शनिवार के प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात को देखते हुए बिना अनुमति जमावड़ा, जुलूस और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी जंतर-मंतर के आसपास बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है; दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने करीब 550 लोगों की हिरासत की बात कही थी, जबकि अन्य रिपोर्टों में संख्या इससे अधिक बताई गई। सभी को बाद में रिहा किए जाने की जानकारी दी गई। The Times of India
शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर भी दर्ज की हैं। इनमें दो संसद मार्ग पुलिस स्टेशन और एक कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई हैं। पुलिस के मुताबिक किसी व्यक्ति या संगठन को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। शनिवार की कार्रवाई के बाद भी जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। पुलिस प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और उपलब्ध वीडियो फुटेज की भी समीक्षा कर रही है।
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