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BREAKING: मामी के 25 लाख के गहने चुराकर खोलना चाहता था रेस्टोरेंट, भांजा गिरफ्तार

Shantanu Roy
24 July 2025 7:12 PM IST
BREAKING: मामी के 25 लाख के गहने चुराकर खोलना चाहता था रेस्टोरेंट, भांजा गिरफ्तार
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बड़ी खबर
Sikar. सीकर। जिले के दादिया थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी ही मामी के गहनों की चोरी कर दी। पुलिस ने इस ब्लाइंड चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी भांजे को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 21 वर्षीय रविकांत के रूप में हुई है, जो वर्तमान में कॉलेज में अध्ययनरत है। पूछताछ में सामने आया कि वह चोरी के गहनों को गिरवी रखकर रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी में था।

चोरी के बाद मामी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, घटना दादिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां पीड़िता ने 25 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के गहने चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, जब वह किसी पारिवारिक कार्यक्रम में गई थी, तब उनके घर से अलमारी में रखे गहने गायब हो गए। रिपोर्ट मिलने के बाद दादिया पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी और बैंक ट्रांजेक्शन से खुला राज
पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, साथ ही संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान पुलिस को रविकांत पर शक हुआ, जो पीड़िता का भांजा है और अक्सर उनके घर आता-जाता रहता था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और बैंक रिकॉर्ड से पुलिस को पुख्ता सबूत मिले। रविकांत ने मामी के गहनों को गिरवी रखकर करीब 11.60 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे वह रेस्टोरेंट खोलने में लगाना चाहता था।

परिवार के विश्वास को तोड़ा
पूछताछ में रविकांत ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से खुद का बिजनेस शुरू करना चाहता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहा था। ऐसे में उसने अपनी ही मामी के गहनों पर नजर डाल दी और मौका मिलते ही अलमारी से गहने निकाल लिए। घटना के बाद रविकांत ने गहनों को एक निजी वित्तीय संस्था में गिरवी रख दिया और उसके बदले लोन लेकर बिजनेस की योजना बना डाली।

पुलिस ने किया गिरफ्तार, आगे की कार्रवाई जारी
दादिया थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। चोरी किए गए गहनों की बरामदगी की प्रक्रिया जारी है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। साथ ही, लोन देने वाली संस्था से भी जानकारी एकत्र की जा रही है कि गहनों को गिरवी रखते समय क्या औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि विश्वास की नींव पर खड़े रिश्ते कभी-कभी लालच और महत्वाकांक्षा के आगे दरक जाते हैं। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से यह मामला समय रहते सुलझ गया।
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