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BREAKING: मानसिक तनाव में पिता ने 18 महीने के बेटे को बोरवेल में फेंका, बचाव अभियान जारी

Shantanu Roy
24 July 2025 8:03 PM IST
BREAKING: मानसिक तनाव में पिता ने 18 महीने के बेटे को बोरवेल में फेंका, बचाव अभियान जारी
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बड़ी खबर
Jaipur. जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। जिले के जमवारामगढ़ थाना क्षेत्र के दीपोला गांव में एक पिता ने अपने 18 महीने के बीमार बेटे को बोरवेल में फेंक दिया। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि पुलिस और प्रशासन को भी हरकत में ला दिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी पिता का नाम लालित है, जो अपने छोटे बेटे की बीमारी और पत्नी के घर छोड़कर चले जाने से मानसिक तनाव में था। बताया जा रहा है कि लालित की पत्नी पिछले एक महीने से अपने मायके में रह रही थी और पारिवारिक तनाव के चलते पति-पत्नी के बीच मनमुटाव चल रहा था।
डॉक्टर के पास ले गया था बेटा, फिर किया अमानवीय कृत्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार की रात लालित अपने 18 महीने के बेटे को डॉक्टर के पास लेकर गया था। उसने बच्चे के लिए दवाई भी खरीदी। घर लौटने के बाद उसने अपने छोटे भाई से कहा कि बेटे की मौत हो चुकी है और उसने उसका शव सफेद कपड़े में लपेटकर पास के ही एक बोरवेल में फेंक दिया है। यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए।
गांव में मचा हड़कंप, मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना जमवारामगढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी रामपाल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल बोरवेल को घेरकर आसपास की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। पुलिस और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की संयुक्त टीम ने मौके पर बोरवेल में कैमरा डालकर तलाशी अभियान शुरू किया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चा जीवित है या नहीं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और रेस्क्यू टीम की कोशिश है कि किसी भी हालत में बच्चे को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
पिता की मानसिक स्थिति संदिग्ध
थाना प्रभारी रामपाल शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी लालित ने स्वीकार किया है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था। बेटे की लगातार बीमारी और पत्नी के चले जाने से वह तनावग्रस्त हो गया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि लालित का आर्थिक हाल भी ठीक नहीं था, जिससे वह दबाव में था। बेटे की बीमारी को लेकर वह अक्सर चिंतित रहता था और जब पत्नी उसे छोड़कर चली गई, तो उसकी मानसिक स्थिति और भी बिगड़ गई।
बोरवेल हादसों का अंतहीन सिलसिला
यह घटना एक बार फिर देशभर में बोरवेल सुरक्षा को लेकर उठते सवालों को सामने लाती है। पिछले वर्षों में भी देश के विभिन्न हिस्सों से कई मासूम बच्चों के बोरवेल में गिरने की दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे हादसों के बाद सरकारें और प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आती हैं, लेकिन समय के साथ सब कुछ फिर से सामान्य हो जाता है और बोरवेल खुले छोड़ दिए जाते हैं। हालांकि इस घटना में बच्चे का बोरवेल में गिरना एक "दुर्घटना" नहीं, बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हरकत मानी जा रही है, जो कि बेहद निंदनीय है।
जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने की है। बोरवेल करीब 40 से 50 फीट गहरा बताया जा रहा है, और उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। बच्चे के जीवित होने की संभावना को देखते हुए राहत कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक (SP) जयपुर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच चुके हैं और उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) एवं अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर वायरल हुई, ग्रामीणों और आम जनता में गहरा आक्रोश फैल गया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को आवश्यक मानसिक, कानूनी एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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