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BREAKING: विकलांग व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत, गांव में छाया मातम

Shantanu Roy
29 July 2025 6:26 PM IST
BREAKING: विकलांग व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत, गांव में छाया मातम
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Chandauli. चंदौली। जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोहणा गांव में मंगलवार का दिन एक बेहद दर्दनाक हादसे का गवाह बना, जब गांव के एक विकलांग व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय टेगर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से शारीरिक रूप से अक्षम थे। इस घटना से न सिर्फ उनके परिवार में कोहराम मच गया है, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
तालाब के किनारे पहुंचने के बाद हुआ हादसा
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेगर मंगलवार सुबह रोजाना की तरह घर से निकले थे। वे गांव के पास स्थित एक तालाब की ओर गए थे, जहां अचानक किसी कारणवश उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तालाब के गहरे पानी में जा गिरे। लोगों का मानना है कि चलने-फिरने में असमर्थता के चलते वे खुद को संभाल नहीं सके और पानी में डूब गए। तालाब के पास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने जब उन्हें पानी में छटपटाते देखा, तो तुरंत बचाव के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में बाहर लाया गया, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया।
पुलिस ने शुरू की जांच, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की सूचना मिलते ही अलीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि यह एक दुर्घटना है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
परिजनों की हालत खराब, ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
टेगर की असमय मौत से उनका परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की कोई स्थायी आमदनी नहीं थी और परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विकलांगों के लिए न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई गंभीर प्रयास किए जाते हैं। यह घटना शासन-प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और देखभाल के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सुरक्षा उपायों की उठी मांग
टेगर की मौत ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में विकलांगों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने तालाब जैसे सार्वजनिक स्थलों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी संकेत और रेलिंग लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की सहायता की घोषणा नहीं हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन इस दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराएगा।
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