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BREAKING: मेरठ जा रहे चंद्रशेखर आज़ाद को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोका

Shantanu Roy
10 Jan 2026 5:37 PM IST
BREAKING: मेरठ जा रहे चंद्रशेखर आज़ाद को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोका
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Delhi. दिल्ली। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के यूपी प्रवेश को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया। गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने चंद्रशेखर आज़ाद को उत्तर प्रदेश में प्रवेश से रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पुलिस बैरिकेडिंग के बीच से भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ जा रहे थे, जहां वे उस दलित परिवार
से मिलने वाले हैं, जिसकी महिला की हाल ही में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की थी, जिसके बाद आरोपियों ने महिला की हत्या कर दी और बेटी को अपहरण कर लिया। इस घटना ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों के सवाल और आलोचना बढ़ा दी है।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फिलहाल उन्हें यूपी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन समर्थकों की भीड़ जुटने के बाद माहौल गरम हो गया और चंद्रशेखर आज़ाद ने खुद आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और सांसद के बीच तीखी बहस भी हुई। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, “मैं एक चुना हुआ सांसद हूं, तुम मुझसे बदतमीजी करोगे, मुझे धक्का मारोगे।” मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, और कुछ देर तक पुलिस और समर्थकों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए किसी बड़े टकराव से बचाया।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ने के लिए किसी भी कीमत पर मेरठ जाएंगे। प्रशासन ने बताया कि राजनीतिक दौरों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए गए हैं। मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी, तभी गांव के ही रहने वाले पारस और उसके साथियों ने हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला किया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि युवती को लेकर आरोपी फरार हो गए। घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखने को मिला।

इस घटना के बाद ही चंद्रशेखर आज़ाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ जाने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि न्याय पाने के लिए परिवार को हर संभव समर्थन दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस घटना ने कानून-व्यवस्था और दलित सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठाए हैं और यूपी विधानसभा चुनाव की राजनीति में भी हलचल पैदा की है। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप और संवेदनशील मामलों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। चंद्रशेखर आज़ाद का कहना है कि वह अपनी जिम्मेदारी के तहत पीड़ितों के हक के लिए संघर्ष करेंगे और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। राजनीतिक हलकों में इस घटना ने बहस छेड़ दी है, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इसे संवेदनशील स्थिति बताते हुए शांति बनाए रखने और किसी बड़े हादसे से बचने का दावा किया है। घटना के बाद सुरक्षा के अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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