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राजनीतिक
Delhi दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने हालिया विवाद को लेकर बयान जारी करते हुए कानून के छात्रों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से छात्र समुदाय के एक वर्ग में चिंता और पीड़ा पैदा हुई है। यदि इस विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या पत्र से कानून के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं और माफी मांगते हैं। मनन कुमार मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि जब भी छात्र खुद को आहत या परेशान महसूस करते हैं तो उनकी चिंताओं को धैर्य, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की भावनाओं को समझना और उनकी बात सुनना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या पत्र के कारण कानून के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं और माफी मांगते हैं। इसमें किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। बीसीआई चेयरमैन ने कहा कि खेद व्यक्त करना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं है। यह केवल इस बात की स्वीकारोक्ति है कि छात्रों की भावनाएं और उनकी चिंताएं महत्वपूर्ण हैं। उनके इस बयान को पिछले कुछ दिनों से जारी विवाद को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Bar Council of India Chairman and Rajya Sabha MP Manan Kumar Mishra issues a statement -
— ANI (@ANI) August 15, 2026
"...The developments of the last few days have caused concern and anguish among a section of the student community. Whenever students feel hurt or aggrieved, their concerns deserve to be… pic.twitter.com/2zX4RGduT1
मनन कुमार मिश्रा ने उम्मीद जताई कि मौजूदा मुद्दे पर अब निष्पक्षता और आपसी सुलह की भावना के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद को बाहरी प्रभाव के जरिए राजनीतिक या किसी अन्य तरह का रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब हालिया घटनाक्रम को लेकर कानून के छात्रों के एक वर्ग की ओर से नाराजगी और चिंता जाहिर की गई थी। छात्रों से जुड़े मुद्दे पर विवाद बढ़ने के बाद बीसीआई चेयरमैन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था।
मनन कुमार मिश्रा ने अपने बयान के माध्यम से छात्रों की चिंताओं को महत्व देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले को टकराव के बजाय संवाद, निष्पक्षता और सुलह के जरिए हल करने पर जोर दिया। बीसीआई चेयरमैन के माफी वाले बयान के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि छात्र समुदाय की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है और मौजूदा विवाद आगे किस दिशा में जाता है। फिलहाल मिश्रा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और पूरे मामले को किसी राजनीतिक या बाहरी प्रभाव से दूर रखते हुए सुलझाने का प्रयास होना चाहिए।
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