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BREAKING: आरोपी उमर का अतीत उजागर, डॉक्टर से बना मौत का सौदागर

SHIDDHANT
11 Nov 2025 7:43 PM IST
BREAKING: आरोपी उमर का अतीत उजागर, डॉक्टर से बना मौत का सौदागर
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मरीज की मौत बनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल
Delhi दिल्ली। लाल किला इलाके में हुए भीषण धमाके की जांच कर रही एजेंसियों को अब तक यही विश्वास था कि इस विस्फोट के पीछे मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी ही था, जिसके शरीर के टुकड़े भी धमाके में बुरी तरह नष्ट हो गए। लेकिन आजतक फैक्ट चेक टीम की पड़ताल में अब उमर को लेकर एक चौंकाने वाला सच सामने आया है, वह पहले एक काबिल डॉक्टर था, जिसे तीन साल पहले एक मरीज की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज से निकाला गया था। 10 नवंबर की शाम जब दिल्ली के दिल को हिला देने वाला
धमाका
हुआ, तब देशभर में हर कोई टीवी और मोबाइल पर इस खबर से जुड़ी हर जानकारी खंगाल रहा था। सफेद रंग की i20 कार, जो लाल किले के पास धमाके के साथ जल उठी, उसके चालक के रूप में उमर की पहचान हुई। टीवी चैनलों पर छोटे बालों, सलीकेदार दाढ़ी और ट्रांसपेरेंट फ्रेम वाले चश्मे वाले उमर की तस्वीरें छा गईं। देखने वालों के लिए यह यकीन करना मुश्किल था कि जो व्यक्ति लोगों को जीवन देने का पेशा करता था, वही अब मौत का सौदागर बन गया।

जांच एजेंसियां अब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में उमर के घर तक पहुंच चुकी हैं। वहां उसकी मां के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। इन्हें धमाके की जगह से मिले अवशेषों से मिलान किया जाएगा ताकि यह पुष्टि की जा सके कि धमाके के वक्त कार में वही मौजूद था या नहीं। इस बीच, कश्मीर के अनंतनाग में रहने वाले रिटायर्ड मेडिकल प्रोफेसर गुलाम जीलानी रूमशू ने बताया कि उमर को उन्होंने करीब तीन साल पहले ही कॉलेज से निकाल दिया था। उन्होंने कहा — “हम चार लोगों की कमेटी थी जिसने 2023 में उसे जनरल मेडिसिन विभाग से निष्कासित किया था। वजह थी एक मरीज की मौत, जिसके इलाज में लापरवाही की शिकायत आई थी।

प्रोफेसर जीलानी के अनुसार, उमर तब अनंतनाग गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट के पद पर था। उसने एमबीबीएस और एमडी श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से पूरी की थी। लापरवाही के उस मामले के बाद उसका करियर लगभग खत्म हो गया। बताया जाता है कि निष्कासन के बाद वह अवसाद में चला गया और धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारों की ओर झुक गया। जांच एजेंसियों को अब यह सुराग भी मिल रहा है कि उमर पिछले दो सालों से कुछ अज्ञात संपर्कों में था और उसने ऑनलाइन फोरम्स पर कट्टर इस्लामी विचारधारा से जुड़े अकाउंट्स को फॉलो किया था। अब सवाल यह है कि एक डॉक्टर, जो कभी बीमारों का इलाज करता था, आखिर कैसे बम बनाने और निर्दोषों को मारने की राह पर चला गया? दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए इस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है और उमर के संपर्कों, डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है।
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