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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले बम बरामद, मचा हड़कंप

jantaserishta.com
4 May 2022 3:24 PM GMT
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले बम बरामद, मचा हड़कंप
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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक 24 घंटे पहले बुधवार की सुबह कूचबिहार के माथाभांगा से बम बरामद किया गया. इसे लेकर पुलिस में हड़कंप मच गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल 5 मई को दो दिवसीय बंगाल पर आ रहे हैं. दो दिवसीय बंगाल दौरे के दूसरे दिन उनका 6 मई, शुक्रवार को कूचबिहार के तीन बीघा कॉरिडोर जाने का कार्यक्रम है. गृह मंत्री के दौरे से पहले जब पूरे इलाके सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इलाके में बड़ी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई है, लेकिन भारी सुरक्षा के बीच इलाके में बम मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने पूरे इलाके में तलाशी शुरू कर दी है और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ी गई है.

बुधवार की सुबह माथाभांगा थाना अंतर्गत हजरत नंबर 2 ग्राम पंचायत के पूर्वी खाटेरबाड़ी इलाके के जंगल में क्षेत्र के निवासियों ने सक्रिय ताजा बम देखा. खबर मिलने के बाद माथाभांगा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ताजा बम को बरामद किया.
6 मई को तीन बीघा कॉरिडोर का दौरा करेंगे अमित शाह
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 मई को राज्य में आ रहे हैं. बंगाल दौरे के दौरान उनका बहुत ही व्यस्तम कार्यक्रम है. वह उत्तर 24 परगना में सुंदरवन के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगे. बीएसएफ सुरक्षाकर्मियों साथ लंच भी करेंगी. वह उसी दिन दोपहर में सिलीगुड़ी जाएंगे. वहां सिलीगुड़ी रेल मैदान में सभा को संबोधित करेंगे और बंगाल में हिंसा के खिलाफ ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधेंगे. वह पांच मई की रात सिलीगुड़ी में रहेंगे. फिर 6 मई की सुबह अमित शाह तीन बीघा कॉरिडोर का दौरा करेंगे. वह 6 तारीख की सुबह बागडोगरा से हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचेंगे. वह तीन बीघा में बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.
तीन बीघा कॉरिडोर समझौते से खुश नहीं हैं स्थानीय लोग
तीन बीघा गलियारा या कॉरिडोर को लेकर सितंबर 2011 में ढाका में समझौता हुआ था. भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच एक समझौता संपन्न हुआ था. इस समझौते के तहत यह निर्णय लिया गया कि भारत के द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में पड़ने वाला 178 x 85 वर्ग मीटर का भूखंड बांग्लादेश को 99 सालों की लीज पर दिया जाएगा. हालांकि क्षेत्र के भारतीय लोग बिना किसी प्रतिबंध के तीन बीघा कॉरिडोर के माध्यम से बांग्लादेशी लोगों के आवागमन को लेकर संतुष्ट नहीं है. विशेष तौर पर कुचलीबाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को तीन बीघा गलियारे से बांग्लादेशी लोगों के आवागमन के दौरान अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. भारतीयों द्वारा हर साल 26 जून को तीन बीघा आंदोलन में मारे गए दो आंदोलनकारियों की याद में शहीद दिवस मनाया जाता है.
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