भारत
नंदीग्राम उपचुनाव में BJP का बड़ा दांव, शुभेंदु के PA की मां को टिकट
jantaserishta.com
15 Sept 2026 4:49 PM IST

x
Nandigram by-election: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट एक बार फिर सियासी हलचल का केंद्र बन गई है। उपचुनाव के लिए भाजपा ने जिस चेहरे को मैदान में उतारा है, उसका रिश्ता शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए चंद्रनाथ रथ के परिवार से है। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान ने मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है। ऐसे में नंदीग्राम का यह उपचुनाव कई वजहों से खास हो गया है।
चंद्रनाथ रथ की मां को BJP ने बनाया प्रत्याशी
भाजपा ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। नंदीग्राम में पार्टी ने हसीरानी रथ को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि रेजीनगर की जिम्मेदारी शाश्वर सरकार को दी गई है।
हसीरानी रथ, शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ पर 6 मई की रात मध्यमग्राम के नजदीक गोली चलाई गई थी। हमले के बाद उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।
हसीरानी रथ का स्थानीय राजनीति से भी संबंध रहा है। वह पंचायत सदस्य रह चुकी हैं और पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी थीं। अब भाजपा ने उन्हें नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार बनाया है।
TMC के दोनों खेमों ने उतारे अपने उम्मीदवार
नंदीग्राम और रेजीनगर का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के दो अलग-अलग खेमे आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी धड़े ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक को और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर ममता बनर्जी के धड़े ने नंदीग्राम में संचिता प्रधान डे और रेजीनगर में पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है।
दोनों गुटों के बीच सिर्फ उम्मीदवारों को लेकर ही नहीं, बल्कि पार्टी की पहचान को लेकर भी विवाद है। दोनों खुद को असली टीएमसी बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर अपना अधिकार जता रहे हैं।
मामला चुनाव आयोग के पास है। आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर तब तक फैसला नहीं हो सका तो मौजूदा चुनाव निशान को फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों धड़ों को नए नाम और अलग चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
कांग्रेस और लेफ्ट ने भी पेश की चुनौती
उपचुनाव की तस्वीर बहुकोणीय हो गई है। कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है, जबकि रेजीनगर में मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी पार्टी के उम्मीदवार हैं।
वाम दलों की ओर से भी दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं। सीपीआई(एम) ने रेजीनगर में अधिवक्ता सैयद असद अली पर भरोसा जताया है। वहीं नंदीग्राम से सीपीआई ने शांति गोपाल गिरी को प्रत्याशी बनाया है। इस तरह दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा, कांग्रेस, वाम दलों और टीएमसी से जुड़े दोनों खेमों के बीच चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।
जिस सीट पर ममता हारी थीं, वहीं फिर चुनाव
नंदीग्राम की राजनीतिक अहमियत पुरानी है। 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन इस क्षेत्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम था। इस आंदोलन ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की राजनीति को मजबूत करने में भूमिका निभाई और 2011 में पार्टी सत्ता तक पहुंची। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ा था। उनके सामने शुभेंदु अधिकारी थे और मुकाबले में अधिकारी ने ममता को हरा दिया था।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने दो सीटों से चुनाव लड़ा। उन्होंने नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से भी जीत हासिल की। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया और नंदीग्राम की सदस्यता छोड़ दी। इसी के चलते यह सीट खाली हो गई।
पश्चिम बंगाल की इन दो सीटों के साथ देश के कुछ अन्य विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में भी उपचुनाव होना है। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम सीटें मरागथम कुमारवेल तथा पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुईं। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे से खाली हुई, जबकि असम की नगांव लोकसभा सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
अब नंदीग्राम में भाजपा की ओर से हसीरानी रथ की उम्मीदवारी और टीएमसी के दो खेमों की अलग-अलग दावेदारी ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार नंदीग्राम का मतदाता किस राजनीतिक ताकत के पक्ष में फैसला सुनाता है।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





