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विधानसभा अध्यक्ष ने दी मंजूरी
शिलांग। मेघालय की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को विधानसभा अध्यक्ष ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। वहीं, यूडीपी के विधायकों की संख्या 12 से घटकर चार रह गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने विलय को दी मंजूरी
मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा चार के तहत आठ विधायकों के भाजपा में विलय को मान्यता दी है। विधानसभा सचिवालय ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इन विधायकों में लहकमेन रिंबुई, पियस मारवेन, किरमेन शायला, मेरालबोर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुपर सिनरेम और सिनशार कुपर रॉय लिंगदोह थाबाह शामिल हैं।
सितंबर में भाजपा में हुए थे शामिल
आठों विधायकों ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद 25 सितंबर को विधानसभा सचिवालय में विलय संबंधी पत्र सौंपा गया था। विधानसभा अध्यक्ष ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा के बाद विलय को मंजूरी दी। इस फैसले से सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस में भाजपा की संख्या बढ़ गई है।
दलबदल कानून को लेकर भी उठे सवाल
यूडीपी ने आठ विधायकों की अयोग्यता की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दाखिल की थी। हालांकि, अध्यक्ष ने अयोग्यता संबंधी याचिका खारिज कर दी है।
संविधान की दसवीं अनुसूची में निर्धारित शर्तों के तहत विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के विलय पर दलबदल के आधार पर अयोग्यता से छूट का प्रावधान है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मेघालय विधानसभा में भाजपा का संख्या बल बढ़ गया है, जबकि यूडीपी की सदस्य संख्या में बड़ी कमी आई है।
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