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भाजपा को याद रखना चाहिए, होते रहते है उतार-चढ़ाव : राज ठाकरे

Nilmani Pal
10 March 2023 3:38 AM GMT
भाजपा को याद रखना चाहिए, होते रहते है उतार-चढ़ाव : राज ठाकरे
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मुंबई। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर पार्टी के इतिहास में उतार-चढ़ाव देखा गया है। भाजपा को याद रखना चाहिए कि आज चढ़ाव है कल उतार आएगा। यह एक स्वाभाविक बात है, इसे कोई नहीं रोक सकता। ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की 17वीं वर्षगांठ पर ठाणे के गडकरी रंगायथन में मनसे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने एक डिजिटल बुकलेट भी प्रकाशित की।

ठाकरे ने कहा, “कुछ पत्रकार पार्टियों से बंधे होते हैं। पत्रकारों के लिए एक पैकेट (लिफाफा) होता है। फिर वे जानबूझकर ऐसा प्रचार करते हैं। 2014 हो या 2019, नरेंद्र मोदी की लहर। इस दौरान मुझसे पूछते हैं कि 17 साल में क्या? कांग्रेस से पूछो, उस पार्टी की स्थिति देखें जिसने 60-65 वर्षों तक पूरे देश पर शासन किया।” ठाकरे ने कहा, “चढ़ाव के बाद उतार और उतार के बाद चढ़ाव होता ही है। भारतीय जनता पार्टी ने भी यह ध्यान रखना चाहिए कि आज चढ़ाव है। उतार-चढ़ाव होगा। उतार-चढ़ाव हो सकता है। यह स्वाभाविक है, इसे कोई नहीं रोक सकता।” ठाकरे ने कहा, “आज के हालात में हमारे राजू पाटिल को देखिए। वह विधानसभा में अकेले ही पार्टी का पक्ष रख रहे हैं। यदि सारी विधानसभा सभा भर जाएगी तो उनका क्या होगा? लेकिन इस तरह का प्रचार जानबूझकर किया जाता है।”

मनसे नेता संदीप देशपांडे पर हुए हमले पर राज ठाकरे ने कहा, “उस दिन घटना हुई, मैं कुछ बोला नहीं। बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि आप क्या सोचते हैं? किसने किया होगा। निश्चित रूप से बता रहा हूं। जिसने भी हमला किया उसे पहले पता चलेगा और फिर सबको पता चलेगा। हम अपने बच्चों का खून इस तरह बर्बाद नहीं होने देंगे। वे राज्य के लिए काम करने आए हैं।”

ठाकरे ने कहा, “पिछले 17 वर्षों का सिंहावलोकन आवश्यक है। पार्टी किस दौर से गुज़री। कुछ लोग बोलते है कि लोग पार्टी छोड़ गए। अकेला चला गया। फिर लोग हमसे सवाल पूछते हैं कि राज साहब की सभा में भीड़ होती है लेकिन वोट क्यों नहीं मिलते हैं? फिर 17 विधायक चुने गए, वे किस तरह चुने गए? यह एक प्रचार है। इस प्रकार का प्रचार जानबूझकर किया जाता है। लोग कहते हैं कि जब इतनी भीड़ इकट्ठी हो जाती है तो वोट कहां जाता है और आंदोलन आधा रह जाता है। लेकिन एक ऐसा आंदोलन दिखाए जो आधा छोड़ दिया गया हो।”


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