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पंजाब PCS मेन्स के नतीजों पर भाजपा ने उठाए सवाल, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

SHIDDHANT
5 Nov 2026 11:22 PM IST
पंजाब PCS मेन्स के नतीजों पर भाजपा ने उठाए सवाल, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
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पंजाब: लोक सेवा आयोग (PPSC) की PCS मेन्स परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पंजाब में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में पेपर लीक माफिया सक्रिय है और सरकार उसे संरक्षण दे रही है। भंडारी ने कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा के परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के उन युवाओं के भविष्य से जुड़ा है जो सरकारी नौकरी पाने के लिए ही मेहनत कर रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले अभ्यर्थियों के चयन का दावा
प्रदीप भंडारी ने परीक्षा के नतीजों में एक गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, कुछ ऐसे उम्मीदवारों के चयन की बात सामने आई है, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया था। उन्होंने कहा कि यह सवाल भाजपा की ओर से नहीं, बल्कि पंजाब के छात्र और अभ्यर्थी खुद उठा रहे हैं। भंडारी ने यह भी कहा कि पीपीएससी मेन्स परीक्षा इससे पहले 2020 में आयोजित हुई थी और पिछले दो वर्षों से इसके परिणाम का इंतजार किया जा रहा था। अब नतीजे घोषित होने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि इन आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भरोसा रह सके।
एक परीक्षा केंद्र से 24.2 प्रतिशत चयन पर सवाल
भाजपा ने परीक्षा केंद्रों के आधार पर जारी चयन के आंकड़ों को लेकर भी आपत्ति जताई है। प्रदीप भंडारी के अनुसार, कुल चयनित उम्मीदवारों में से 24.2 प्रतिशत अभ्यर्थी एक ही परीक्षा केंद्र से सफल हुए हैं। इसके मुकाबले उसी के आसपास स्थित दूसरे केंद्र से केवल करीब दो प्रतिशत उम्मीदवारों का चयन हुआ।
भंडारी ने इस अंतर को असामान्य बताते हुए सवाल किया कि आखिर एक केंद्र से इतने अधिक उम्मीदवार कैसे सफल हो गए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं की कोई भूमिका है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों और चयन प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इंटरव्यू प्रक्रिया और राजनीतिक मिलीभगत पर भी आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने चयन के बाद होने वाले इंटरव्यू को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कुछ उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की प्रक्रिया में भी नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने पटियाला जिले के उस परीक्षा केंद्र का जिक्र किया, जहां से कथित तौर पर करीब 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
भंडारी ने कहा कि यह केंद्र ऐसे क्षेत्र में आता है, जहां आम आदमी पार्टी के विधायक और कांग्रेस के सांसद हैं। इसी आधार पर उन्होंने दोनों दलों के बीच मिलीभगत होने की आशंका जताई। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप है और इसके समर्थन में कोई प्रमाण सार्वजनिक रूप से पेश किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बढ़ा विवाद
पीपीएससी मेन्स के नतीजों को लेकर उठे सवालों ने पंजाब में सरकारी भर्ती की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है। भाजपा ने सरकार से कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और उम्मीदवारों की शिकायतों का जवाब देने की मांग की है। दूसरी ओर, लगाए गए आरोपों को अंतिम सच मानने से पहले आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड सामने आना जरूरी है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या चयन प्र क्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या फिर नतीजों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के हित में जरूरी है कि आयोग सभी संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करे और किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराए।
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